Heavy Hailstorm Haryana: हरियाणा में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। देर रात से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि देखने को मिली। खासतौर पर जीटी रोड बेल्ट के जिलों में मौसम का असर ज्यादा नजर आया, जहां आधी रात के बाद अचानक तेज बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं।
करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के गांव कैमला में रात करीब 12:30 बजे भारी ओलावृष्टि हुई। कुछ ही मिनटों में खेत, सड़कें और खुले इलाके सफेद चादर की तरह ढक गए। ग्रामीणों के अनुसार, ओले गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आवाज से लोग घरों से बाहर निकल आए। किसानों का कहना है कि यदि ओलावृष्टि लंबे समय तक जारी रहती, तो गेहूं और सरसों की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता था।
इसी तरह सोनीपत में तड़के करीब 2:45 बजे बारिश हुई, जबकि कैथल में रात 12:40 बजे के आसपास तेज बारिश दर्ज की गई। अंबाला, जींद और पलवल समेत कई अन्य जिलों में भी रात के समय बारिश हुई। उधर, सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग (IMD) ने इस बदलते मौसम को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। विभाग के अनुसार, 1 फरवरी को हरियाणा के 17 जिलों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर और दक्षिण हरियाणा के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
IMD ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 75 प्रतिशत तक बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से आया है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी साफ तौर पर देखा जा रहा है।
बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ गया है। वहीं, बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन बारिश के बाद चलने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं रात की ठिठुरन को और बढ़ा सकती हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। हालांकि, इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल बने रह सकते हैं। इस दौरान इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश जहां एक ओर रबी फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि की स्थिति में फसलों को भारी नुकसान भी पहुंच सकता है। प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मौसम का यह बदला मिजाज आम जनजीवन के साथ-साथ खेती और यातायात पर भी असर डाल रहा है। आने वाले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।