Haryana Patwari Arrest: एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने म्यूटेशन चढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले एक पटवारी और उसके सहायक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 20 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी अनिल यादव ने बताया कि उप तहसील गोच्छी में तैनात पटवारी जितेंद्र और उसके सहयोगी विनोद को गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
25 हजार में तय हुई थी डील
संजय कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता शत्रुजीत शर्मा ने बताया कि गांव स्थित उनकी दुकान और मकान की म्यूटेशन कराने के लिए वह कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि पटवारी उनका काम लंबित रखे हुए था।
बताया गया कि पटवारी के सहयोगी ने म्यूटेशन चढ़ाने के बदले पहले 30 हजार रुपये की मांग की, बाद में 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। 5 हजार रुपये अग्रिम भी ले लिए गए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचना दी।
पाउडर लगे नोटों से जाल
एसीबी टीम ने योजना बनाकर शिकायतकर्ता को आरोपियों के पास भेजा। नोटों पर विशेष पाउडर लगाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर ही दोनों को दबोच लिया। तलाशी में रिश्वत की रकम बरामद हुई।
दो दिन में दो पटवारी गिरफ्तार
गौरतलब है कि हरियाणा में दो दिन के भीतर रिश्वत के आरोप में दो पटवारी गिरफ्तार किए गए हैं। एक दिन पहले सोनीपत जिले के खरखौदा में पंचायती विभाग की महिला ब्लॉक पटवारी सुदेश कुमारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
शिकायत के अनुसार, उसने पंचायती जमीन का मालिकाना हक दिलवाने के बदले रिश्वत मांगी थी। जांच में सामने आया कि वह सीधे रकम न लेकर बीडीपीओ कार्यालय परिसर में एक चाय विक्रेता के माध्यम से पैसे मंगवाती थी। एसीबी ने इस मामले में चाय विक्रेता ईश्वर को भी गिरफ्तार किया था।
लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ है कि एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है।