Haryana JBT Teacher: हरियाणा में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब 12 साल बाद भी डाउटफुल जेबीटी शिक्षकों का मामला पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। अब विभाग ने 375 डाउटफुल जेबीटी शिक्षकों की सूची जारी कर दी है और उन्हें जांच के लिए पंचकूला बुलाया गया है।
विभाग के निर्देशों के अनुसार, बुधवार को पहले दिन 100 शिक्षकों को पंचकूला सेक्टर-2 स्थित उत्कर्ष सोसाइटी मुख्यालय में जांच के लिए बुलाया गया है। यहां कमेटी के सामने शिक्षकों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।
जिला अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने 10 फरवरी को सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों को डाउटफुल श्रेणी में रखा गया है, उन्हें हर हाल में सूचना दी जाए।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी शिक्षक का ट्रांसफर हो चुका है, तो संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को सूचित किया जाए, ताकि शिक्षक तक सूचना समय पर पहुंच सके। विभाग ने अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी है कि कोई भी शिक्षक जांच से वंचित न रहे।
क्यों रखा गया डाउटफुल श्रेणी में
डाउटफुल श्रेणी में उन शिक्षकों को रखा गया है, जिनके थंब इंप्रेशन (अंगूठे के निशान) को लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इस संबंध में मधुबन (करनाल) स्थित लैब में जांच प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।
अब अगला चरण फिजिकल वेरिफिकेशन का है, जिसके तहत शिक्षकों को कमेटी के सामने उपस्थित होकर अपनी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। इस दौरान संबंधित बीईओ भी मौजूद रहेंगे, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।
चार दिन चलेगी जांच प्रक्रिया
शिक्षा विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 11 से 14 फरवरी तक पंचकूला में वेरिफिकेशन का कार्य किया जाएगा। शिक्षकों को अलग-अलग तिथियों पर बुलाया गया है, ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
बताया गया है कि जांच के लिए बुलाए गए शिक्षकों में विज्ञापन संख्या 4/2009 और 2/2012 के तहत भर्ती हुए शिक्षक शामिल हैं।
लंबे समय से चल रहा है मामला
यह मामला पिछले कई वर्षों से लंबित है और कई बार जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आ सका। अब विभाग की ओर से एक बार फिर सत्यापन प्रक्रिया शुरू किए जाने से उम्मीद की जा रही है कि मामला जल्द स्पष्ट हो सकेगा।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता
जिन शिक्षकों को डाउटफुल श्रेणी में रखा गया है, उनके बीच इस कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल है। कई शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं विभाग का कहना है कि जांच पूरी तरह नियमों के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।