Haryana Crime: हरियाणा के हांसी में रिटायर्ड पंचायत सेक्रेटरी और प्रॉपर्टी डीलर सुभाष मलिक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हांसी के एसपी अमित यशवर्धन ने बताया कि आरोपियों ने सुभाष मलिक को सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा पहने देखा था और उन्हें आसान शिकार समझकर लूट के इरादे से हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार 3 फरवरी को आरोपी सुभाष मलिक के प्रॉपर्टी डीलिंग ऑफिस में घुसे और लूट का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर तेजधार हथियार से हमला किया और सिर में गोली मार दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथियों की तलाश जारी है।
3 पॉइंट में पुलिस का खुलासा
1. आसान शिकार समझकर बनाई योजना
एसपी के अनुसार आरोपियों ने सेक्टर-6 निवासी सुभाष मलिक की दिनचर्या की जानकारी जुटाई। वे जिस सैलून में बाल कटवाने जाते थे, वहीं से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। वारदात का मास्टरमाइंड भैझाई महाराजपुर निवासी गुरमीत बताया गया है, जो हांसी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहा था।
2. साथियों के साथ मिलकर की रेकी
गुरमीत ने अपने साथी पवन, महेंद्र और आकाश को योजना में शामिल किया। चारों आरोपी हुड्डा सेक्टर के पीछे बने कमरों में रहते थे और कई दिनों से सुभाष मलिक की रेकी कर रहे थे। हत्या के बाद गुरमीत बस में बैठकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और खुफिया सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली।
3. गिरफ्तारी से बचने के लिए फ्लाईओवर से कूदा
शुक्रवार को पकड़े जाने के डर से गुरमीत ने हिसार-दिल्ली रोड स्थित शेखपुरा फ्लाईओवर से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे उसके पैरों में चोटें आईं। पुलिस ने उसे हांसी के सामान्य अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलवाकर आगे इलाज के लिए हिसार रेफर किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कैसे हुई वारदात
3 फरवरी को सेक्टर-6 निवासी सुभाष मलिक का शव उनके घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित माया प्रॉपर्टी नाम के ऑफिस में मिला था। वे रोज सुबह करीब 5 बजे ऑफिस खोलते थे। उस दिन भी वे किसी बड़ी डील की बात कहकर सुबह ऑफिस गए थे।
जब वे दूध लेने नहीं पहुंचे तो दूधिए ने उनकी पत्नी पुष्पा को फोन किया। पत्नी करीब साढ़े आठ बजे ऑफिस पहुंचीं तो सुभाष मलिक खून से लथपथ पड़े मिले। उनके शरीर पर धारदार हथियार के कई निशान थे और सिर में गोली लगी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की थी।
सुभाष मलिक करीब छह वर्ष पहले पंचायत सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके तीन बेटे हैं—दो जेई के पद पर कार्यरत हैं और एक ग्रामीण बैंक में क्लर्क है।