Haryana Police Inspector Suspend: हरियाणा पुलिस की महिला इंस्पेक्टर रचना देवी एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते विवादों में आ गई हैं। एक कॉलोनाइजर को तंत्र विद्या के जरिए अपने वश में कर ब्लैकमेल करने, FIR रद्द कराने के बदले शारीरिक संबंध बनाने और हर महीने एक लाख रुपये वसूलने जैसे आरोपों के बाद उन्हें निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। यह कार्रवाई जींद निवासी एक महिला की शिकायत के आधार पर की गई है।
मामला क्या है?
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, उनके पति प्रॉपर्टी का काम करते हैं। वर्ष 2022 में उनकी एक जमीन से जुड़े मामले में हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो ने FIR दर्ज की थी। इस मामले की जांच अधिकारी उस समय इंस्पेक्टर रचना देवी थीं।
महिला का आरोप है कि जांच के दौरान रचना देवी ने उनके पति से नजदीकी बढ़ाई, उनकी आर्थिक स्थिति को समझा और फिर पैसे ऐंठने की नीयत से उनके साथ शारीरिक संबंध बना लिए।
तांत्रिक विद्या से वश में करने का दावा
शिकायत में कहा गया है कि रचना देवी ने तांत्रिकों की मदद से पति को अपने वश में कर लिया। उन्हें लगातार शराब के नशे में रखा जाने लगा और परिवार से पूरी तरह दूर कर दिया गया।
महिला का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने धमकी दी थी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई, तो वह रेप के झूठे केस में जेल भिजवा देगी।
हर महीने एक लाख रुपये और कीमती सामान
शिकायत के अनुसार, रचना देवी पति को जबरदस्ती सिरसा, शिमला और कसौली जैसी जगहों पर ले जाती थी। वहां वह खुद को उसकी पत्नी बताती थी।
महिला का दावा है कि इंस्पेक्टर ने पति से हर महीने एक लाख रुपये की मांग की और उनके क्रेडिट कार्ड से सोने के गहने और महंगा सामान भी खरीदा।
परिवार को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप
महिला ने दावा किया कि पति की ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट से यह सामने आया है कि रचना देवी तांत्रिकों की मदद से उनका और उनके बच्चों का मर्डर करवाने की योजना बना रही थी, ताकि पूरी संपत्ति और नकदी हड़पी जा सके।
अन्य पीड़ितों के आरोप भी सामने आए
शिकायत में महिला ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पता चला कि रचना देवी ने पहले भी कई लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
उन्होंने राजकुमार जांगड़ा नामक व्यक्ति का हवाला दिया, जिसने आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर ने उसे भी रेप केस की धमकी देकर करोड़ों रुपये और गाड़ियां ऐंठ ली थीं।
अधिकारियों के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
महिला का आरोप है कि जब रचना देवी का हिसार ट्रांसफर हुआ, तब उन्होंने उनके पति के खिलाफ चल रहे केस में उच्च अधिकारियों को देने के नाम पर रिश्वत मांगी।
शिकायत में यह भी कहा गया कि इंस्पेक्टर ने विभाग की गोपनीय जानकारियां भी पति के साथ साझा कीं।

पहले भी हो चुकी हैं सस्पेंड
इस मामले से पहले भी रचना देवी को तत्कालीन DGP शत्रुजीत कपूर के आदेश पर सस्पेंड किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बहाली के बाद भी वह अपने पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित कर रही थीं और गवाहों को धमका रही थीं।
जांच और कानूनी स्थिति
- इंस्पेक्टर रचना देवी फिलहाल फतेहाबाद की समन ब्रांच में तैनात थीं
- वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं
- जांच अधिकारी DSP सुमित कुमार के अनुसार, रचना देवी और पीड़ित व्यक्ति के वॉयस सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं
- मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इस मामले पर हिसार के ADGP केके राव ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा।
यह मामला न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां डिजिटल और तकनीकी सबूतों के आधार पर कितनी निष्पक्ष और तेज कार्रवाई करती हैं।
