Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले के गांव सिसला के युवक जगदीप का शव करीब सवा दो महीने बाद शनिवार को उसके पैतृक गांव पहुंचा, जहां दोपहर बाद गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार को जगदीप का शव स्पेन से वापस लाने के लिए करीब 18 लाख रुपए खर्च करने पड़े, जिसके लिए उन्हें रिश्तेदारों और सामाजिक संस्थाओं से मदद लेनी पड़ी।
11 महीने पहले कमाने गया था विदेश
जानकारी के अनुसार गांव सिसला निवासी जगदीप करीब 11 महीने पहले बेहतर कमाई और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से स्पेन गया था। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने जमीन बेचकर करीब 18 लाख रुपए खर्च किए थे।
बताया जा रहा है कि 29 नवंबर को स्पेन में काम करते समय जगदीप को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद से उसका शव वहीं पर था। परिवार लगातार शव को भारत लाने के प्रयास कर रहा था और प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई गई थी।
पिता का पहले ही हो चुका है निधन
मृतक के चाचा ससुर दीपक ने बताया कि जगदीप के पिता की करीब 11 साल पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी थी। परिवार पहले से ही आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था। अब जगदीप की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार में अब उसकी मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। जगदीप तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसका चार साल का बेटा और छह माह की बेटी है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
गांव में पसरा मातम
शनिवार को जब जगदीप का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम संस्कार के समय माहौल बेहद गमगीन रहा और हर आंख नम दिखाई दी।
ग्रामीणों का कहना है कि विदेश जाने के लिए परिवारों को भारी कर्ज उठाना पड़ता है, लेकिन कई बार ऐसे हादसे परिवारों को गहरे संकट में डाल देते हैं। जगदीप की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।