Haryana JE Suspend: हरियाणा से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। नगर परिषद रेवाड़ी में अवैतनिक अवकाश के दौरान वेतन जारी किए जाने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। जिला नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर (जेई) हैप्पी और अकाउंटेंट जितेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश चंडीगढ़ स्थित स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से जारी किए गए हैं। मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) सुशील कुमार भुक्कल की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अवैतनिक अवकाश के दौरान जारी हुआ वेतन
मामले के अनुसार, जेई हैप्पी ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर 2025 तक चार माह का अवैतनिक अवकाश लिया था। विभागीय नियमों के तहत अवैतनिक अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार का वेतन देय नहीं होता।
हालांकि, आरोप है कि अवकाश अवधि के दौरान जेई को दो माह का वेतन जारी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जेई 17 अक्टूबर को अवकाश अवधि पूरी होने से पहले ही ड्यूटी पर लौट आए थे, लेकिन इसके लिए निदेशालय से औपचारिक स्वीकृति नहीं ली गई थी।
इसके बावजूद, वेतन उनके खाते में ट्रांसफर हो गया।

10 दिन में ब्याज सहित की रिकवरी
सूत्रों के अनुसार, मामले का खुलासा होने के बाद जेई हैप्पी ने जारी की गई राशि को 10 दिनों के भीतर ब्याज सहित नगर परिषद को लौटा दिया।
ईओ सुशील कुमार भुक्कल ने भी दावा किया है कि वेतन की पूरी रिकवरी हो चुकी है और गलती तकनीकी कारणों से हुई थी। उनका कहना है कि जेई के अवकाश संबंधी दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी और ड्यूटी पर लौटने के कारण नियमित वेतन प्रक्रिया में भुगतान चला गया।
शिकायत के बाद निदेशालय की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने पर पहले डीएमसी (डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर) स्तर पर जांच की गई। प्रारंभिक जांच के बाद स्थानीय निकाय निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई।
करीब 15 दिन बाद निदेशालय ने जेई हैप्पी और अकाउंटेंट जितेंद्र के निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
सूत्रों का कहना है कि शिकायत में ईओ सुशील कुमार भुक्कल का नाम भी शामिल था, हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है।
ईओ अचानक छुट्टी पर गए
निलंबन आदेश जारी होने के बीच वीरवार को ईओ सुशील कुमार भुक्कल अचानक छुट्टी पर चले गए। उन्होंने 15 फरवरी तक अवकाश लिया है और इसकी वजह स्वास्थ्य संबंधी बताई गई है।
ईओ के अचानक अवकाश पर जाने से नगर परिषद में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गौरतलब है कि ईओ भुक्कल रिश्ते में पूर्व शिक्षा मंत्री और झज्जर विधायक गीता भुक्कल के भतीजे बताए जाते हैं।
नियम क्या कहते हैं?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि कोई अधिकारी अवैतनिक अवकाश पर जाता है और बीच में ड्यूटी जॉइन करना चाहता है तो उसे सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होती है।
इस मामले में आरोप है कि जेई ने पूर्व अनुमति के बिना ड्यूटी जॉइन की और वेतन जारी करने से पहले नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया।
यही प्रशासनिक चूक अब निलंबन की वजह बनी है।
विधायक पहले भी उठा चुके हैं सवाल
रेवाड़ी नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव सार्वजनिक रूप से नगर परिषद पर आरोप लगा चुके हैं।
एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से कविता के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। इससे पहले नगर परिषद की निवर्तमान चेयरपर्सन पूनम यादव द्वारा भी कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया था।
ईओ का पक्ष
दैनिक भास्कर एप से बातचीत में ईओ सुशील कुमार भुक्कल ने कहा कि डीएमसी ने निदेशालय को अधूरे और भ्रामक तथ्य भेजे।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद के पास जेई के अवकाश पर होने की स्पष्ट और आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं थी। जेई के बीच में ड्यूटी पर लौटने के कारण नियमित वेतन प्रक्रिया में उनका भुगतान हो गया।
ईओ ने यह भी कहा कि वे निदेशालय द्वारा मांगे जाने पर तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे।
फिलहाल जेई और अकाउंटेंट निलंबित हैं। ईओ के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं, यह निदेशालय की आगामी जांच पर निर्भर करेगा।
प्रशासनिक हलकों में यह मामला गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह वित्तीय अनुशासन और सेवा नियमों के पालन से जुड़ा है।
