Haryana Breaking News: हरियाणा में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री का काम प्रभावित हो रहा है। कई जिलों में रजिस्ट्री पूरी तरह से ठप होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि लोगों के जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकें।
राजस्व विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश की तहसीलों और उप-तहसीलों में अब रजिस्ट्री का काम एसडीएम (उपमंडल मजिस्ट्रेट) और डीआरओ (जिला राजस्व अधिकारी) के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों में अधिकारियों को नई लॉगिन आईडी उपलब्ध करा दी गई है और तकनीकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक हड़ताल समाप्त नहीं हो जाती। जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर आवश्यक स्टाफ और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि रजिस्ट्री कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बताया जा रहा है कि हाल ही में एक तहसीलदार और दो नायब तहसीलदारों के निलंबन के बाद हरियाणा राजस्व अधिकारी संघ से जुड़े अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते कई स्थानों पर रजिस्ट्री का कार्य बंद हो गया और राजस्व विभाग को भी नुकसान होने लगा। इसी को देखते हुए सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले से रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर रखा है, उनके टोकन सुरक्षित रहेंगे और सत्यापन पूरा होने के बाद उनकी रजिस्ट्री प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। वहीं नए आवेदनों के लिए भी टोकन प्रणाली पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
उधर, सरकार और हड़ताल पर बैठे अधिकारियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बैठक हो सकती है, जिसमें विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। तब तक सरकार की ओर से बनाई गई नई व्यवस्था के जरिए लोगों को राहत देने की कोशिश जारी है।