Gurugram Crime: गुरुग्राम के सोहना-तावड़ू रोड स्थित अरावली की पहाड़ियों से एक युवक का कंकाल मिलने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक की पहचान शगुन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के जटीयाणा शाहपुर गांव का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से सोहना की नहर कॉलोनी में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था।
इस मामले ने इसलिए भी लोगों को हैरान कर दिया है क्योंकि युवक 14 जनवरी से लापता था, लेकिन परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई। परिवार को यह लगता रहा कि वह अपनी पसंद की लड़की के साथ कहीं चला गया है और शादी के बाद लौट आएगा।
24 दिन तक कोई तलाश नहीं
परिजनों के अनुसार, शगुन पिछले कुछ समय से अपनी मां और रिश्तेदारों से कहता था कि वह अपनी पसंद की लड़की से लव मैरिज करेगा। जब 14 जनवरी को वह घर नहीं लौटा और फोन भी नहीं उठा रहा था, तो परिवार ने यही मान लिया कि वह किसी लड़की के साथ चला गया है।
बार-बार कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिवार ने यह सोचकर तलाश बंद कर दी कि वह खुद ही लौट आएगा। इसी वजह से न तो पुलिस में शिकायत दी गई और न ही आसपास खोजबीन की गई।
8 फरवरी को मिला कंकाल
करीब 24 दिन बाद 8 फरवरी को अरावली के जंगल में एक कंकाल मिलने की सूचना पुलिस को मिली। जांच करने पर उसकी पहचान शगुन कुमार के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, शव काफी समय तक जंगल में पड़ा रहा, जिससे जंगली जानवरों ने उसे नोच-खा लिया। शरीर का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो चुका था और केवल सिर तथा हड्डियों का ढांचा ही बचा था। आसपास मांस के कुछ टुकड़े भी बिखरे हुए मिले, जिससे अंदाजा लगाया गया कि शव कई दिनों से वहां पड़ा था।
मौत से पहले बेच दी थी बाइक
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। परिवार ने बताया कि शगुन ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही अपनी बाइक बेच दी थी। जब उससे इसका कारण पूछा गया तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
यह भी पता चला कि वह सोहना के एक केले के गोदाम में काम करता था और लापता होने से पहले उसने अपने मालिक से 10 हजार रुपए एडवांस भी लिए थे।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब उसके पास पहले ही बाइक बेचने के पैसे थे, तो उसे अतिरिक्त पैसों की जरूरत क्यों पड़ी। यह पहलू भी जांच के दायरे में है।
मौके से मिला सुसाइड नोट
पुलिस को शव के पास से एक मोबाइल फोन और चार पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि दोनों ही गीले थे और मोबाइल फोन बंद था।
सुसाइड नोट की स्याही फैल चुकी है, जिससे उसे पढ़ना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने मोबाइल और सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। विशेषज्ञों की मदद से नोट को पढ़ने और मोबाइल डेटा रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
आत्महत्या या हत्या?
जांच अधिकारी के अनुसार, फिलहाल आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के लिए जरूरी सैंपल लेकर लैब भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस आसपास के लोगों, सहकर्मियों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि शगुन आखिरी बार किसके साथ देखा गया था।
सबूत नष्ट होने से जांच मुश्किल
इस मामले में सबसे बड़ी समस्या यह है कि शव काफी समय तक जंगल में पड़ा रहा, जिससे कई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो गए। यदि हत्या हुई भी हो, तो संघर्ष या चोट के कई निशान जंगली जानवरों द्वारा नष्ट किए जा चुके होंगे।
फोरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मौत का कारण पता लगाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, खासकर तब जब शरीर का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो चुका हो।
परिवार भी शक के घेरे में?
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 24 दिन तक युवक की तलाश न करना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न कराना भी कई सवाल खड़े करता है। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा था कि वह अपनी पसंद की लड़की के साथ गया है और जल्द लौट आएगा।
परिवार ने यह भी बताया कि शगुन पिछले कुछ समय से परेशान रहता था, लेकिन उसने कभी अपनी परेशानी का कारण नहीं बताया।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच
इस मामले में पुलिस तीन मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- क्या यह आत्महत्या का मामला है?
- क्या किसी ने हत्या कर शव जंगल में फेंका?
- क्या सुसाइड नोट असली है या किसी ने जानबूझकर रखा?
फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डेटा इस केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इलाके में फैली सनसनी
घटना के बाद आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि यदि समय रहते युवक की तलाश की जाती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी या घटना के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती थी।
अब सभी की नजर पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शगुन कुमार की मौत के पीछे असली वजह क्या थी—आत्महत्या, हत्या या कोई और कारण।
फिलहाल यह मामला एक रहस्य बना हुआ है, जिसने परिवार, पुलिस और स्थानीय लोगों सभी को उलझन में डाल दिया है।