Government Schemes Haryana: हरियाणा सरकार ने एक बार फिर प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी की। इस कदम से न केवल महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद वर्ग को राहत मिली है, बल्कि सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था की प्रभावशीलता भी सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत चौथी किस्त जारी कर दी गई है। इस किस्त में 9 लाख 22 हजार 452 लाभार्थी बहनों के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली गई। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक चार किस्तों में 634 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है।
सरकार ने इस योजना में एक और महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। फरवरी 2026 से लाभार्थियों को मिलने वाली राशि में से 1100 रुपये सीधे उनके बचत बैंक खाते में जमा होंगे, जबकि 1000 रुपये सरकार द्वारा संचालित सावधि जमा खाते में जमा किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की बचत बढ़ेगी और भविष्य में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी बड़ी राशि जारी करने की जानकारी दी। वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 34 लाख 14 हजार लाभार्थियों को 1098 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन से संबंधित शिकायतों और आय आधारित पात्रता के मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटान किया जाए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही हर घर हर गृहणी योजना के तहत भी बड़ी राहत दी गई है। इस योजना के अंतर्गत 12 लाख 62 हजार महिलाओं के खातों में नवंबर और दिसंबर माह की सब्सिडी जारी की गई। गैस सिलेंडर रिफिल कराने वाली महिलाओं को 38 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी सीधे उनके खातों में भेजी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 223 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत भी 101 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में कुल 18 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 56 लाख 34 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में 1431 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि सीधे खातों में पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होती हैं। बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन, सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में आने से लोगों को राहत मिलती है और उनकी दैनिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, सरकार द्वारा एक ही दिन में इतनी बड़ी राशि जारी किया जाना प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर और अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।