Haryana Police: हरियाणा पुलिस SI की भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिकाकर्ता को लगा बड़ा झटका

si bharti

हरियाणा पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़ी याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में चयन प्रक्रिया की उत्तर-कुंजी (Answer Key) को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच, जस्टिस जगमोहन बंसल ने स्पष्ट किया कि जब चयन आयोग ने विशेषज्ञों की राय के आधार पर उत्तर-कुंजी तैयार की है और उसमें कोई स्पष्ट त्रुटि सिद्ध नहीं हुई, तो कोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।

क्या था मामला

याचिकाकर्ता अमित ने विज्ञापन संख्या 3/2021 के तहत हुई हरियाणा पुलिस SI भर्ती परीक्षा के तीन प्रश्नों की उत्तर-कुंजी पर आपत्ति जताई थी। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक माप और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल था। मेरिट का निर्धारण लिखित अंकों, अतिरिक्त योग्यता और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के आधार पर किया जाना था।

Transfer Police
Haryana Police SP Transfer: हरियाणा में IPS-HPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल, कई जिलों में नए एसपी तैनात

अमित ने 26 सितंबर 2021 को लिखित परीक्षा दी थी। उस समय उत्तर-कुंजी पर आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन उसने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। बाद में वह चयनित भी हुआ और उसे कुल 67.20 अंक मिले, जिनमें 5 अंक सामाजिक-आर्थिक श्रेणी के थे।

सामाजिक-आर्थिक अंकों पर विवाद

दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान सामने आया कि अमित के पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत थे, जबकि उसने शपथ-पत्र में परिवार में किसी सरकारी कर्मचारी के न होने का दावा किया था। इस आधार पर उसके 5 सामाजिक-आर्थिक अंक काट दिए गए, जिससे वह कट-ऑफ से नीचे चला गया।

kurukshetra uni
Kurukshetra University News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सेंट्रल कैंटीन सील, ठेकेदार का लाइसेंस रद्द, जानें पूरा मामला

तीन प्रश्नों पर दी गई दलीलें

अमित ने जिन तीन सवालों पर उत्तर-कुंजी को चुनौती दी, वे थे—

  1. हरियाणा के पूर्व DGP की मृत्यु से संबंधित प्रश्न
  2. गेहूं बोने के लिए उपयुक्त तापमान
  3. अनुच्छेद 370 हटाने की तारीख

हाईकोर्ट का तर्क

  • पहले प्रश्न में आयोग का उत्तर सही माना गया।
  • दूसरे प्रश्न को तकनीकी विषय बताते हुए कहा गया कि इसमें विशेषज्ञों की राय बदली नहीं जा सकती।
  • तीसरे प्रश्न पर कोर्ट ने कहा कि संसद ने 5 अगस्त 2019 को संशोधन पारित किया था, जबकि राष्ट्रपति की अधिसूचना 6 अगस्त को आई थी, इसलिए 5 अगस्त को सही उत्तर माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए दोहराया कि उत्तर-कुंजी में बदलाव केवल तभी संभव है, जब वह स्पष्ट रूप से गलत सिद्ध हो। अन्यथा चयन संस्था की राय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Haryana Rajya Sabha Result हरियाणा राज्यसभा चुनाव का परिणाम घोषित: भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध जीते
Haryana Rajya Sabha Result हरियाणा राज्यसभा चुनाव का परिणाम घोषित: भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध जीते

निष्कर्ष

कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता कोई ठोस त्रुटि सिद्ध नहीं कर सका और उसने स्वयं गलत सामाजिक-आर्थिक लाभ लिया था। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।

rajyasabha
Haryana Rajya Sabha Result: हरियाणा राज्यसभा चुनाव: काउंटिंग में देरी, कांग्रेस विधायक का वोट रद्द

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *