Highway Upgrade: केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं को Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र में यह निर्णय क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स दक्षता और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
महाराष्ट्र: NH-160A के 154 किमी सेक्शन का उन्नयन
औद्योगिक क्लस्टर को मिलेगा सीधा लाभ
महाराष्ट्र में NH-160A के घोटी-त्रयंबक (मोखाडा)-जवाहर-मनोर-पालघर सेक्शन के पुनर्वास और उन्नयन को 3320.38 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। यह 154.63 किलोमीटर लंबी परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर विकसित की जाएगी।
Ministry of Road Transport and Highways के अनुसार, नासिक के पश्चिमी हिस्से, विशेषकर अंबाड़ और सतपुर क्षेत्र में Maharashtra Industrial Development Corporation (MIDC) द्वारा विकसित औद्योगिक इकाइयों का बड़ा क्लस्टर स्थित है। यहां से बड़े पैमाने पर माल परिवहन होता है, जिसके लिए बेहतर सड़क अवसंरचना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
परियोजना को पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिससे मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा।
गुजरात: NH-56 के 107 किमी हिस्से का चार-लेन निर्माण
अंतरराज्यीय संपर्क में सुधार
गुजरात में 4583.64 करोड़ रुपये की लागत से NH-56 के 107.67 किलोमीटर लंबे हिस्से—धमासिया-बिटाडा/मोवी और नसरपोर-मलोथा—को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी गई है।
National Highway 56 राजस्थान के निम्बाहेरा से शुरू होकर गुजरात के दाहोद और मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से होकर गुजरता है। यह मार्ग औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। चार-लेन विस्तार से माल परिवहन की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार की उम्मीद है।
तेलंगाना: NH-167 का चौड़ीकरण
हैदराबाद-पणजी इकोनॉमिक कॉरिडोर को मजबूती
तेलंगाना में NH-167 के गुडेबेलूर से महबूबनगर तक 80.01 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार-लेन मानक के अनुसार विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 3175.08 करोड़ रुपये है।
National Highway 167 हैदराबाद-पणजी इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। इसके उन्नयन से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
आर्थिक और रणनीतिक महत्व
केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि ये परियोजनाएं न केवल यात्रा समय को कम करेंगी बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में भी सहायक होंगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से निर्यात-आयात गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निर्माण चरण में स्थानीय स्तर पर श्रमिकों और ठेकेदारों को लाभ मिलेगा, जबकि दीर्घकाल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
कुल मिलाकर, 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं को देश के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को नई रफ्तार दे सकता है।
