Haryana crime news: हरियाणा के जींद जिले में घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सीआईए जींद में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर के बेटे ने अपनी पत्नी को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया, मारपीट की और तीन साल की बच्ची सहित घर से निकाल दिया। पीड़िता ने महिला थाना में शिकायत देकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के कुछ दिन बाद ही शुरू हुई प्रताड़ना
जींद के ललित खेड़ा गांव की रहने वाली अंजू रानी ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 15 मार्च 2021 को ईक्कस गांव निवासी संदीप के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय उसके परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन आरोप है कि शादी के करीब 15 दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने कम दहेज लाने की बात कहकर ताने देने शुरू कर दिए।
पीड़िता का कहना है कि धीरे-धीरे मानसिक प्रताड़ना बढ़ती गई और बाद में उसे शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार की ओर से लग्जरी कार और नकदी की मांग लगातार की जाती रही। मांग पूरी न होने पर उसे अपमानित किया जाता और कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई।
पति पर दूसरी महिला से संबंध का आरोप
अंजू रानी ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसका पति गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है और उसका दूसरी महिला के साथ संबंध है। जब उसने इस बात का विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसे घर से निकाल दिया गया।
उसने बताया कि ससुराल पक्ष ने उसे और उसकी तीन साल की बेटी को घर में रखने से भी मना कर दिया। मजबूर होकर वह अपने मायके लौट आई और तब से वहीं रह रही है।
10 लाख रुपये और कार की मांग
शिकायत के अनुसार, ससुराल पक्ष ने जींद शहर में मकान खरीदने के नाम पर 10 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी गाड़ी की मांग की थी। जब पीड़िता के परिवार ने इतनी बड़ी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई, तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका स्त्रीधन भी वापस नहीं किया गया।
पंचायत भी रही बेअसर
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उन्होंने सामाजिक स्तर पर भी मामले को सुलझाने का प्रयास किया। इसके लिए पंचायत भी बुलाई गई, जिसमें दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। पीड़िता के अनुसार, पिछले लगभग एक वर्ष से वह अपने मायके में रह रही है और न्याय के लिए प्रयास कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
महिला थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी देने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
महिला थाना SI मानिका ने बताया इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
पुलिस के अनुसार, आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है—
धारा 85 BNS – पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (दहेज प्रताड़ना से संबंधित प्रावधान)
धारा 115 BNS – स्वेच्छा से चोट पहुंचाना (मारपीट से संबंधित प्रावधान)
धारा 316(2) BNS – आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान
धारा 351(2) BNS – हमला या आपराधिक बल प्रयोग
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पीड़िता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर किया है। कानून सख्त होने के बावजूद ऐसे मामले सामने आना समाज के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।