Haryana Tehsildar Suspend: हरियाणा के पंचकूला जिले के रायपुर रानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को राजस्व विभाग ने निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश के अनुसार उनका मुख्यालय अब फतेहाबाद बनाया गया है और वे बिना डीसी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। फिलहाल वे पंचकूला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हिरासत में हैं।
कोर्ट में रिमांड पर सुनवाई
मंगलवार को ACB टीम ने कोर्ट में 7 दिन का पुलिस रिमांड मांगा था।
- पुलिस का तर्क: अन्य अधिकारियों से जुड़ी जानकारियां जुटानी हैं और तहसीलदार से रिकवरी भी होनी है।
- बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपांशु बंसल ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि अब तक कोई रिकवरी नहीं हुई है, एफआईआर में भी पैसे के लेन-देन का उल्लेख नहीं है। मामला पूरी तरह दस्तावेज़ आधारित है और कोई शिकायतकर्ता नहीं है।
- कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद 2 दिन का रिमांड मंजूर किया।
पर्ल ग्रुप की जमीन का विवाद
तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी पर्ल ग्रुप से जुड़ी जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित है।
- इस जमीन पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे लगा हुआ बताया जा रहा है।
- तहसीलदार ने एसडीएम कार्यालय के एक पत्र के आधार पर स्टे हटाकर रजिस्ट्री कर दी।
- बाद में एसडीएम ने ऐसे किसी पत्र पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया।
- इसके बाद ACB ने मामले में जालसाजी और नकली दस्तावेज तैयार करने की धारा भी जोड़ दी है।
नए नाम सामने आने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, तहसीलदार की गिरफ्तारी और रिमांड के बाद इस केस में राजस्व विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी अन्य अधिकारी का नाम नहीं जुड़ा है। माना जा रहा है कि तहसीलदार का रिमांड पूरा होने के बाद ही असली कहानी सामने आएगी।
विभागीय कार्रवाई
राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर विक्रम सिंगला को निलंबित कर दिया है।
- मुख्यालय: अब फतेहाबाद
- शर्त: बिना डीसी की अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे
- स्थिति: फिलहाल ACB की हिरासत में
रायपुर रानी तहसीलदार विक्रम सिंगला का मामला हरियाणा प्रशासन और राजस्व विभाग के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़ा यह विवाद न केवल जालसाजी और दस्तावेज़ी हेरफेर की ओर इशारा करता है, बल्कि विभागीय मिलीभगत की संभावना भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं, जिससे हरियाणा के राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना तय है।