Rewari Breaking News: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने रेवाड़ी जिले की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि गांव कलाका (जिला रेवाड़ी) में स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के मौजूदा जल शोधन संयंत्र में एक अतिरिक्त टैंक के निर्माण तथा जल उपचार सुविधाओं के नवीनीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) एवं विस्तृत अनुमान तैयार करने हेतु एक परामर्श एजेंसी नियुक्त की जा रही है।
मंत्री यह जानकारी हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में विधायक श्री लक्ष्मण यादव द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दे रहे थे। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और आबादी वृद्धि को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
2031 विकास योजना के तहत 40 सेक्टर प्रस्तावित
मंत्री बेदी ने बताया कि रेवाड़ी की अंतिम विकास योजना-2031 को हरियाणा सरकार द्वारा 3 जून 2020 को अधिसूचित किया गया था। इस अधिसूचना के अनुसार शहरी संपदा रेवाड़ी में कुल 40 सेक्टर प्रस्तावित किए गए हैं।
इनमें से 9 सेक्टर विकसित किए जा चुके हैं। इनमें सेक्टर-1 (एनएमटी ब्रास और संबद्ध बाजार), सेक्टर-3 भाग-1, सेक्टर-4, सेक्टर-5 (वाणिज्यिक), सेक्टर-7, सेक्टर-10, सेक्टर-18, सेक्टर-19 और सेक्टर-20 शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, डीटीसीपी (डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) द्वारा सेक्टर-6, 7, 19, 21, 22, 25, 26, 27, 29, 32 और 34 में आवासीय एवं व्यावसायिक कॉलोनियों की स्थापना के लिए लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य जारी हैं, जिसके चलते पानी की मांग लगातार बढ़ रही है।
20 एमएलडी जरूरत, 14 एमएलडी आपूर्ति
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इन सभी विकसित और प्रस्तावित सेक्टरों की पानी की आवश्यकता लगभग 20 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) है। इस मांग को पूरा करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने गांव कलाका (रेवाड़ी) में 4.54 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया है।
इसके अलावा 6 ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, वर्तमान में 20 एमएलडी की आवश्यकता के मुकाबले लगभग 14 एमएलडी जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। यानी अभी भी करीब 6 एमएलडी की कमी बनी हुई है।
इसी अंतर को पाटने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त टैंक निर्माण और जल उपचार सुविधाओं के उन्नयन की योजना बनाई जा रही है।
नहर से मिल रहा पानी, अतिरिक्त मांग का प्रस्ताव
कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू नहर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 12.25 एमएलडी (5 क्यूसेक) जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
भविष्य में बढ़ती आबादी और नए सेक्टरों के विकास को देखते हुए जल की अतिरिक्त मांग को मंजूरी देने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से अनुरोध किया जा रहा है। यदि यह मांग स्वीकृत होती है, तो रेवाड़ी में जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।
DPR से तय होगा आगे का रोडमैप
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि अतिरिक्त टैंक की क्षमता कितनी होगी, किस प्रकार की नई जल उपचार तकनीक अपनाई जाएगी और कुल परियोजना लागत क्या होगी।
DPR के आधार पर ही आगे बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में जल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
शहरीकरण के साथ बढ़ रही जरूरत
रेवाड़ी हरियाणा का तेजी से विकसित होता जिला है। औद्योगिक और आवासीय विस्तार के चलते यहां पानी की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट गहरा सकता है।
सरकार द्वारा अतिरिक्त टैंक और जल उपचार संयंत्र के नवीनीकरण की पहल को इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
