ration kerosene update: केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) के आवंटन को लेकर नया आदेश जारी किया है। मंत्रालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडहॉक आधार पर केरोसिन आवंटन किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह केरोसिन मुख्य रूप से खाना पकाने और रोशनी के उपयोग के लिए दिया जाएगा। इसका वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन डिपो (FPS) या फिर PSU तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट के माध्यम से किया जाएगा।

राज्यों को दी गई अहम जिम्मेदारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरोसिन के वितरण का मापदंड और पात्रता राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा तय की जाएगी। साथ ही राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवंटित केरोसिन का उपयोग पेट्रोल या डीजल में मिलावट के लिए न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि केरोसिन के आवंटन में ग्रामीण परिवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है, ताकि उन्हें रोशनी और खाना पकाने के लिए सुविधा मिल सके।
45 दिन के भीतर उठाना होगा स्टॉक
सरकार ने निर्देश दिया है कि राज्यों को आवंटित केरोसिन की पूरी मात्रा 45 दिनों के भीतर उठानी होगी। यदि निर्धारित समय में स्टॉक नहीं उठाया गया तो उसे आगे के लिए ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।
कीमत में नहीं होगा बदलाव
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले से मौजूदा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।