Pension Scheme Haryana: हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन को लेकर पिछले कुछ महीनों से चल रहे विवाद के बीच सरकार ने दो अहम फैसले लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब राज्य में सामाजिक सुरक्षा के तहत दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन हर महीने की 10 तारीख को नियमित रूप से जारी की जाएगी। इसके साथ ही जिन करीब 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन होल्ड की गई थी, उन्हें भी बहाल कर दिया गया है। सरकार के इन फैसलों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समाज कल्याण मंत्री ने की पुष्टि
समाज कल्याण मंत्री Krishan Bedi ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि पेंशन वितरण की तारीख तय कर दी गई है। अब लाभार्थियों को हर महीने 10 तारीख को उनके खातों में पेंशन राशि प्राप्त होगी। इससे पहले पेंशन जारी होने की कोई निश्चित तिथि नहीं थी, जिससे बुजुर्गों को असमंजस और परेशानी का सामना करना पड़ता था।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि बुजुर्गों को समय पर आर्थिक सहायता मिले और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी से उन्हें परेशानी न हो।
70 हजार होल्ड पेंशन बहाल
नवंबर और दिसंबर महीने में करीब 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोक दी गई थी। विभाग का तर्क था कि कुछ लाभार्थियों ने आय या उम्र से संबंधित गलत जानकारी दी थी या परिवार के अन्य सदस्य भी पेंशन ले रहे थे। इस कार्रवाई के बाद राज्यभर में असंतोष फैल गया।
अब सरकार ने इन सभी होल्ड पेंशनों को बहाल करने का निर्णय लिया है। परिवार पहचान पत्र (PPP) के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने जानकारी दी कि नवंबर की होल्ड पेंशन जारी कर दी गई है, जबकि दिसंबर की पेंशन का स्टेटस भी जल्द अपडेट किया जाएगा।
विपक्ष के विरोध के बाद सरकार हरकत में
हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है। जैसे ही बड़ी संख्या में पेंशन रोके जाने की खबर सामने आई, विपक्ष ने इसे प्रमुख मुद्दा बना लिया। कांग्रेस सहित अन्य दलों ने जिला मुख्यालयों पर धरने-प्रदर्शन की घोषणा कर दी। बजट सत्र से पहले बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार को त्वरित कदम उठाने पड़े।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के आक्रामक रुख और जनभावनाओं को देखते हुए सरकार ने नरम रुख अपनाया और पेंशन बहाली का निर्णय लिया।
सीएम की इमरजेंसी मीटिंग और सख्त निर्देश
11 फरवरी को मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पेंशन मामले को लेकर आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक किसी भी लाभार्थी की पेंशन नहीं रोकी जाएगी। यदि किसी मामले में पात्रता संदिग्ध हो, तो लाभार्थी को कारण बताकर स्पष्टीकरण का अवसर दिया जाए। दस्तावेज अधूरे होने की स्थिति में उन्हें पूरा करने का समय दिया जाए, लेकिन भुगतान जारी रखा जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उनकी अनुमति के बिना किसी बुजुर्ग की पेंशन न रोकी जाए।
बढ़ी हुई पेंशन का नोटिफिकेशन भी जारी
सरकार ने 11 फरवरी को ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। हालांकि पेंशन बढ़ाने की घोषणा पहले की जा चुकी थी, लेकिन औपचारिक अधिसूचना अब जारी की गई। इसे सरकार की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बुजुर्गों में विश्वास बहाल किया जा सके।
आय सीमा बढ़ाने पर भी चर्चा
वर्तमान में हरियाणा में 60 वर्ष से अधिक आयु के वे बुजुर्ग पेंशन के पात्र हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपए से अधिक नहीं है। विपक्ष इस आय सीमा को भी मुद्दा बना रहा है और इसे बढ़ाने की मांग कर रहा है। उनका तर्क है कि यह सामाजिक सम्मान भत्ता है और इसे केवल आय सीमा से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि आगामी बजट सत्र में सरकार आय सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इससे अधिक संख्या में बुजुर्ग पेंशन योजना का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार का संदेश: पेंशन नहीं रुकेगी
सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी स्थिति में पेंशन भुगतान नहीं रोका जाएगा, जब तक कि लाभार्थी के अपात्र होने की पुष्टि न हो जाए। इस फैसले से लाखों बुजुर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है और राजनीतिक रूप से भी यह निर्णय सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
