Kaithal Breaking News: हरियाणा के कैथल में शुक्रवार को आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब कैबिनेट मंत्री अनिल विज और पुलिस अधीक्षक (SP) उपासना के बीच एक मामले को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। यह विवाद जमीन खरीद से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर हुआ। बैठक में मौजूद अधिकारियों और लोगों के सामने हुई इस बहस का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान एक शिकायतकर्ता ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी से जुड़े मामले की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है और मामले को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस पर मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने को कहा और संबंधित पुलिसकर्मी को जांच पूरी होने तक सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
SP ने बताया अधिकार क्षेत्र का मुद्दा
मंत्री के निर्देश के बाद SP उपासना ने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मी उनके जिले में तैनात नहीं है, बल्कि कुरुक्षेत्र में पोस्टेड है, इसलिए उसे सस्पेंड करने का अधिकार कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक के पास है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में उचित अधिकारी को लिख सकती हैं, लेकिन सीधे कार्रवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
इस पर मंत्री अनिल विज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे कार्रवाई के लिए कह रहे हैं तो आदेश का पालन होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे पुलिस महानिदेशक (DGP) या संबंधित जिले के अधिकारियों को लिखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आदेश पर कार्रवाई हो।
शिकायतकर्ता और अधिकारियों के बीच भी हुई बहस
बैठक के दौरान शिकायतकर्ता ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि जब मंत्री कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं तो इसमें देरी क्यों हो रही है। इस पर SP ने दोहराया कि प्रशासनिक प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र के नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जा सकती है। कुछ समय तक चली इस बहस के दौरान बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
DC ने किया हस्तक्षेप, मामला हुआ शांत
स्थिति को देखते हुए जिला उपायुक्त (DC) अपराजिता ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। उन्होंने अधिकारियों को मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।
वीडियो आने के बाद चर्चा तेज
मंत्री और SP के बीच हुई इस नोकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मंत्री के सख्त रुख की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग प्रशासनिक प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र के नियमों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन संबंधित मामले की जांच जारी बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
