Haryana Roadways : जीजा कहकर दी धमकी? रोडवेज ड्राइवर पर गिरी गाज, विभाग ने लिया ये एक्शन

Bus Driver

Haryana Roadways: हरियाणा रोडवेज की किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली एक बस के चालक और टैक्सी ड्राइवर के बीच हुआ विवाद अब बड़ा प्रशासनिक और कानूनी मुद्दा बन गया है। 12 फरवरी को करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा के पास हुई इस घटना के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक को हटा दिया। हालांकि अब चालक ने सामने आकर माफी मांगते हुए अपना पक्ष भी रखा है। मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है।

घटना कैसे शुरू हुई?

जानकारी के अनुसार 12 फरवरी को करनाल के पास बसताड़ा टोल पार करने के बाद एक हरियाणा रोडवेज की किलोमीटर स्कीम बस और एक टैक्सी के बीच ओवरटेक को लेकर विवाद शुरू हुआ। टैक्सी चालक, जो पानीपत के नैन गांव का निवासी बताया गया है, दिल्ली से एक परिवार को लेकर पंजाब जा रहा था। उसका आरोप है कि तेज रफ्तार बस ने उसकी अर्टिगा कार को खतरनाक तरीके से कट मारा, जिससे कार पलटते-पलटते बची।

टैक्सी चालक विशाल के मुताबिक जब उसने बस रुकवाकर ड्राइवर से बात करने की कोशिश की तो ड्राइवर ने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी। विशाल का आरोप है कि बस चालक ने कहा, “जो करना है कर ले, तुझे जान से मार दूंगा।” उसने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

घटना के बाद दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।

पहले लगभग 52 सेकंड के वीडियो में टैक्सी चालक बस चालक पर जानबूझकर वाहन को कट मारने का आरोप लगाता दिखाई देता है। वीडियो में बस का पिछला हिस्सा कार के बेहद करीब नजर आता है। इस दौरान बस चालक कथित रूप से अभद्र इशारे करता और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता सुनाई देता है। जब टैक्सी चालक उससे नाम पूछता है तो वह जवाब देता है कि “घरवाले मुझे प्यार से जीजा कहते हैं।” इसके बाद वह धमकी भरे शब्द बोलता हुआ भी दिखाई देता है।

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दूसरा 26 सेकंड का वीडियो दिल्ली आईएसबीटी का बताया जा रहा है। इसमें एक यात्री और बस चालक के बीच तीखी बहस होती दिखती है। यात्री पूछता है कि उसे समालखा उतारा जाएगा या नहीं। इस पर चालक कहता है कि नहीं उतारेंगे, जो करना है कर लो। वीडियो में चालक यात्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करता भी सुनाई देता है। हालांकि यात्री का चेहरा साफ दिखाई नहीं देता।

बस चालक दीपक का पक्ष

विवाद बढ़ने के बाद करनाल के नडाना गांव निवासी बस चालक दीपक सामने आया और उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। दीपक हरियाणा रोडवेज में किलोमीटर स्कीम के तहत कार्यरत था।

दीपक का कहना है कि जिस दिन घटना हुई, वह दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहा था। बसताड़ा टोल पार करने के बाद कुटेल फ्लाईओवर के पास पहली लेन में एक टैक्सी और बीच वाली लेन में दो-तीन ट्रक चल रहे थे। उसने रास्ता लेने के लिए टैक्सी को कई बार हॉर्न दिया, लेकिन साइड नहीं मिली। जब बस और ट्रक के बीच जगह बनी तो उसने ओवरटेक किया, लेकिन आगे फिर ट्रक आ गया और कार चालक ने उसे आगे निकलने नहीं दिया।

दीपक के अनुसार टैक्सी चालक ने एक्सीलेटर दबाकर कार बस के बराबर ला दी। मजबूरी में उसे बस आगे निकालनी पड़ी। उसने दावा किया कि किसी वाहन से टक्कर नहीं हुई। उसका आरोप है कि ओवरटेक के बाद टैक्सी चालक ने बस के आगे आकर बार-बार ब्रेक लगाए, जिससे बस रोकनी पड़ी। उसने यह भी कहा कि टैक्सी चालक ने उसके साथ हाथापाई की।

वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए दीपक ने कहा कि गुस्से में उसके मुंह से गलत शब्द निकल गए। उसने कहा कि “जीजा” शब्द उसने किसी और के लिए नहीं बल्कि स्वयं के संदर्भ में कहा था। उसने माना कि उससे गलती हुई और इसके लिए वह माफी मांगता है।

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दूसरे वीडियो को लेकर दीपक ने कहा कि वह वीडियो दिल्ली आईएसबीटी का है। उसके अनुसार संबंधित यात्री ने शराब पी रखी थी और बस के बोनट पर बैठ गया था। उसने दावा किया कि वीडियो अधूरा है और पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है।

विभाग की कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो के जीएम शेर सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित बस किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित हो रही थी, इसलिए ठेकेदार को निर्देश देकर चालक को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग में इस प्रकार का अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

किलोमीटर स्कीम के तहत निजी ऑपरेटरों की बसें हरियाणा रोडवेज के लिए निर्धारित दूरी के आधार पर चलाई जाती हैं। इस व्यवस्था में अनुशासन और व्यवहार मानकों का पालन अनिवार्य होता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों और अन्य वाहन चालकों के साथ शालीन व्यवहार अत्यंत आवश्यक है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

टैक्सी चालक विशाल ने मधुबन थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। हालांकि अब तक पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

दीपक के अनुसार मधुबन थाने से उसे भी कॉल आया था और बयान देने के लिए बुलाया गया है। उसने कहा कि जब डायल-112 की टीम करनाल बस स्टैंड पहुंची थी तो यात्रियों ने पुलिस को बताया था कि ड्राइवर की कोई गलती नहीं थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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सड़क सुरक्षा और पेशेवर आचरण पर सवाल

यह घटना केवल दो वाहन चालकों के बीच विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा, पेशेवर आचरण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और लेन अनुशासन की अनदेखी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वाहनों के चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि बस या ट्रक से जुड़ी दुर्घटना का असर अधिक गंभीर हो सकता है। वहीं छोटे वाहन चालकों को भी लेन अनुशासन और ओवरटेकिंग नियमों का पालन करना चाहिए।

दीपक ने अपने बयान में छोटे वाहन चालकों पर भी आरोप लगाया कि अक्सर वे अचानक कट मारते हैं। हालांकि इस विशेष मामले में वास्तविक दोष किसका है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

आगे क्या?

फिलहाल बस चालक को ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामला पुलिस जांच के अधीन है। यदि जांच में किसी पक्ष की गलती साबित होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं विभागीय स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।

टैक्सी चालक विशाल का कहना है कि उसे न्याय चाहिए और ऐसे व्यवहार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर दीपक ने माफी मांगते हुए भविष्य में संयम बरतने की बात कही है।

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सोशल मीडिया के दौर में घटनाएं तेजी से वायरल हो जाती हैं और सार्वजनिक दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में प्रशासन के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच और विभागीय निर्णय पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वास्तविक जिम्मेदारी किसकी थी और आगे क्या कार्रवाई होगी।

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