Haryana Police Suspend: हरियाणा के रोहतक जिले के महम थाने में जब्त शराब को पूरी तरह नष्ट न करने के मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभागीय जांच के बाद थाना प्रबंधक सहित कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, जिससे विभाग में नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया है।
जानकारी के अनुसार करीब 10 दिन पहले महम थाने में रखी गई जब्त शराब को पूरी तरह नष्ट नहीं किया गया था। इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहतक सुरेन्द्र भौरिया तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) गुलाब सिंह को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि जब्त शराब को नियमानुसार पूरी तरह नष्ट नहीं किया गया था और इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई। रिपोर्ट मिलने के बाद 11 फरवरी को एसपी सुरेन्द्र भौरिया ने कार्रवाई करते हुए महम थाना प्रभारी उप-निरीक्षक सुभाष को लाइन हाजिर कर दिया।
इसके साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है। सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में ई/एचसी ज्योतिस्वरूप, जो मालखाना मोहरर के पद पर तैनात थे, एमएचसी जयभगवान और एसए ईएसआई सतपाल शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने और नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
कार्रवाई की सूची (List of Police Staff):
- उप-निरीक्षक सुभाष – थाना प्रबंधक (SHO), लाइन हाजिर
- ज्योतिस्वरूप – ई/एचसी, मालखाना मोहरर, सस्पेंड
- जयभगवान – एमएचसी, सस्पेंड
- सतपाल – एसए/ईएसआई, सस्पेंड
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और निगरानी में पूरी की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या दुरुपयोग की संभावना न रहे। इसी कारण इस मामले को गंभीरता से लिया गया और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
