Haryana government sports: हरियाणा में खेल प्रतिभाओं को निखारने और भविष्य के ओलंपिक चैंपियन तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा देशभर में 139 अतिरिक्त खेलो इंडिया केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिनमें महेंद्रगढ़ जिला भी शामिल है। इस योजना के तहत जिले में विभिन्न 15 खेलों के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
खेल विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन खेलों के केंद्र महेंद्रगढ़ में स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, उनमें ताइक्वांडो, वुशु, कराटे, जू-जित्सु, कुराश, रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग, सेलिंग, शूटिंग, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक, सेपक टकरा, इक्वेस्ट्रियन (घुड़सवारी), स्क्वैश और गोल्फ शामिल हैं। इन खेलों के लिए खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, उपकरण और अनुभवी कोच उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रों की स्थापना के लिए उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त मैदान, आधुनिक प्रशिक्षण इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के रहने के लिए बोर्डिंग सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर प्रशिक्षण, रहने और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उनका प्रदर्शन बेहतर होगा।
इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पूर्व चैंपियन खिलाड़ियों को रोजगार और कोचिंग के अवसर उपलब्ध कराना भी है। सरकार चाहती है कि अनुभवी खिलाड़ी अपने अनुभव और कौशल के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करें, ताकि प्रदेश में खेलों का स्तर और ऊंचा उठ सके।
खेल विभाग के अनुसार इच्छुक संस्थान और पात्र खिलाड़ी अपने आवेदन नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम स्थित जिला खेल कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र संस्थानों का चयन किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से केंद्रों की स्थापना शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से महेंद्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब उन्हें प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता कम पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता की कोचिंग मिल सकेगी।
हरियाणा पहले ही खेलों के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य के खिलाड़ियों ने कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में खेलो इंडिया केंद्रों की स्थापना से प्रदेश की खेल संस्कृति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है, साथ ही आने वाले वर्षों में नए खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
