Haryana ATS: हरियाणा में ATS गठन को मंजूरी, पुलिस को मिलेगा ये खास भत्ता, इन जिलों में बनेंगे मुख्यालय, पढ़िए पूरी जानकारी

ATS HARYA

Haryana ATS: हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग द्वारा तैयार इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने विस्तार से समीक्षा करने के बाद कुछ संशोधन भी कराए, जिसके बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग के पास भेज दिया गया है।

यह कदम राज्य में आतंकी गतिविधियों की रोकथाम, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और अंतर-एजेंसी समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।


बैठक में हुए अहम संशोधन

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में एटीएस के ढांचे और कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मूल प्रस्ताव में संशोधन करते हुए यह तय किया गया कि गुरुग्राम में एक अलग एटीएस पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा।

इसके अलावा एटीएस में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष भत्ते को बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। प्रस्ताव के अनुसार, एटीएस में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 30 प्रतिशत तक विशेष भत्ता दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस तरह के वित्तीय प्रोत्साहन से बेहतर प्रतिभाओं को इस विशेष इकाई में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

ATS HARYA

एटीएस गठन की शुरुआत कैसे हुई

देशभर में आतंकवाद से निपटने के लिए एक समान व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 2023 और 2024 में नई दिल्ली में आतंकवाद विरोधी सम्मेलनों का आयोजन किया गया था।

Fauji Ki Patrni
Haryana crime news: यमुनानगर हत्याकांड: फौजी की पत्नी की मौत का सच आया सामने, जानकर चौंक जाएंगे

इन सम्मेलनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने स्तर पर एटीएस जैसी विशेष इकाइयों को मजबूत करने और एक समान संरचना विकसित करने की सलाह दी गई थी।

इसके बाद 17 जनवरी 2025 को हरियाणा सरकार को एक पत्र भेजा गया, जिसमें एक आदर्श एटीएस का ढांचा भी सुझाया गया था।

फिर 26 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक सम्मेलन के दौरान सभी राज्यों से जल्द से जल्द एटीएस की स्थापना करने का आह्वान किया। इसके बाद 13 जनवरी 2026 को एक रिमाइंडर पत्र जारी किया गया, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने इस प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाया।


एटीएस क्यों बना रही है सरकार

सरकार द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार एटीएस का मुख्य उद्देश्य राज्य में आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखना और समय रहते कार्रवाई करना होगा।

इसके प्रमुख कार्यों में आतंकी घटनाओं की जांच और अभियोजन, खुफिया जानकारी जुटाना और उसका विश्लेषण करना, विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना तथा आतंकवाद से जुड़े डेटा का रखरखाव शामिल होगा।

इसके अलावा एटीएस को प्रशिक्षण, अनुसंधान और कौशल उन्नयन जैसे कार्यों की जिम्मेदारी भी दी जाएगी, ताकि बल आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों से लैस रह सके।


डीजीपी के अधीन काम करेगा एटीएस

प्रस्ताव के अनुसार एटीएस का संचालन पुलिस महानिदेशक (DGP) के समग्र पर्यवेक्षण में किया जाएगा। यह इकाई सीआईडी के नियंत्रण में कार्य करेगी और इसके भीतर विभिन्न विभाग बनाए जाएंगे, ताकि कार्यों का विभाजन स्पष्ट और प्रभावी तरीके से हो सके।

Accidneng
Haryana Accident: दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर दर्दनाक हादसा, ट्रक पलटने से चार की मौत की आशंका

इस ढांचे से उम्मीद की जा रही है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई अधिक व्यवस्थित और तेज गति से हो सकेगी।


Haryana Police: हरियाणा पुलिस
Haryana Police: हरियाणा पुलिस

एटीएस में बनाए जाएंगे कई विभाग

एटीएस के अंतर्गत कई विशेष विभाग गठित किए जाएंगे, जिनमें स्पेशल फोर्स, इंटेलीजेंस और ऑपरेशन, इन्वेस्टिगेशन और प्रॉसिक्यूशन, रिसर्च एवं ट्रेनिंग और एडमिनिस्ट्रेशन एवं लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे।

इन विभागों का उद्देश्य अलग-अलग जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से बांटना और हर स्तर पर विशेषज्ञता विकसित करना है।


पंचकुला में होगा मुख्यालय

संशोधित प्रस्ताव के अनुसार एटीएस का मुख्यालय पंचकुला में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही सीआईडी के अंतर्गत इस विशेष इकाई को संगठित किया जाएगा।

गुरुग्राम में अलग कार्यालय और पुलिस स्टेशन स्थापित करने का निर्णय भी इसी रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।


स्पेशल फोर्स होगी हाईटेक

एटीएस की स्पेशल फोर्स को आधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस किया जाएगा। यह बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।

कमांडो प्रशिक्षण केंद्र और संबंधित परिसरों का संचालन भी आधुनिक मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि बल किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपट सके।

Gohana Accident
Gohana Accident: हरियाणा के गोहाना में एक साथ बुझ गए 4 घरों के दीपक, दर्दनाक सड़क हादसे में युवकों की मौत

इंटेलीजेंस और ऑपरेशन विभाग की अहम भूमिका

इंटेलीजेंस और ऑपरेशन विभाग एटीएस की मुख्य शाखा होगी। इसका कार्य आतंकी गतिविधियों की निगरानी करना, कार्रवाई योग्य जानकारी जुटाना और समय रहते हस्तक्षेप करना होगा।

इस विभाग के अधिकार क्षेत्र को अलग-अलग जिलों में विभाजित किया जाएगा, जिससे निगरानी और कार्रवाई दोनों अधिक प्रभावी हो सकें।


रिसर्च और ट्रेनिंग पर भी जोर

रिसर्च, एनालिसिस और ट्रेनिंग विभाग को आतंकवाद के बदलते स्वरूप का अध्ययन करने और अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इस विभाग के तहत तकनीकी खुफिया, डेटा विश्लेषण और कट्टरपंथ विरोधी इकाइयां भी बनाई जाएंगी। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग कर अनुसंधान कार्य भी किया जाएगा।


प्रशासन और लॉजिस्टिक्स की अलग व्यवस्था

एटीएस के प्रशासनिक, वित्तीय, परिवहन और रखरखाव संबंधी कार्यों के लिए अलग प्रशासन एवं लॉजिस्टिक्स विभाग बनाया जाएगा। इससे संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।


अधिकारियों को मिलेगा विशेष भत्ता

सरकार ने एटीएस में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष भत्ते का प्रावधान किया है।

प्रस्ताव के अनुसार कॉन्स्टेबल से लेकर डीएसपी रैंक तक के अधिकारियों और बम निरोधक तथा तोड़फोड़ विरोधी टीम के सदस्यों को मूल वेतन का 30 प्रतिशत तक विशेष भत्ता दिया जाएगा।

kaithal sp
Kaithal Breaking News: कैथल में मंत्री अनिल विज और SP उपासना के बीच तीखी नोकझोंक, इस मुद्दें पर हुए आमने-सामने

इस कदम का उद्देश्य जोखिम भरे कार्यों के लिए कर्मचारियों को प्रेरित करना और इस विशेष इकाई में बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करना है।


क्या बोले गृह विभाग के अधिकारी

गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार एटीएस का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और आवश्यक संशोधन भी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब इसे वित्त विभाग को भेजा गया है, जहां से अंतिम स्वीकृति के बाद गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि एटीएस का गठन हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे न केवल आतंकी गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि खुफिया तंत्र और जांच प्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी।

राज्य सरकार का यह कदम बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जो आने वाले समय में हरियाणा की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *