Haryana 590 Crore Scam हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा वित्तीय विवाद सामने आया है। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala ने राज्य सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये के कथित महाघोटाले का मामला देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के संज्ञान में लाया है।
बुधवार को दुष्यंत चौटाला ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच Central Bureau of Investigation (CBI) और Serious Fraud Investigation Office (SFIO) से करवाने की मांग की।
बैंक खातों से जुड़ा मामला
पूर्व डिप्टी सीएम के अनुसार, यह मामला IDFC First Bank और AU Small Finance Bank की चंडीगढ़ शाखा में जमा सार्वजनिक धनराशि से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के एक विभाग द्वारा खाता बंद कर धनराशि अन्य बैंक में स्थानांतरित करने के अनुरोध के दौरान इस बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस घोटाले में बैंक कर्मचारियों और बाहरी तत्वों की मिलीभगत के संकेत मिले हैं। साथ ही अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं के शामिल होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राज्य एजेंसी पर उठाए सवाल
उन्होंने राज्य सतर्कता ब्यूरो द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा जताने से इनकार किया और कहा कि यह मामला सार्वजनिक धन से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रकरण है। इसलिए फोरेंसिक ऑडिट, बैंकिंग फ्रॉड और कॉरपोरेट कानूनों के तहत गहन जांच आवश्यक है, जो केवल CBI और SFIO जैसी केंद्रीय एजेंसियां ही प्रभावी रूप से कर सकती हैं।
उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग
दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच समिति गठित की जाए। उनका कहना है कि हरियाणा के नागरिकों को पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का अधिकार है और दोषियों से प्रत्येक रुपया वसूल कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि घोटाले की राशि अन्य राज्यों में भी ट्रांसफर की गई हो सकती है, ऐसे में बहु-राज्यीय जांच के लिए CBI की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वहीं, SFIO कॉर्पोरेट प्रशासन और बैंकिंग प्रक्रियाओं की गहन जांच करने में सक्षम है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री Nirmala Sitharaman, हरियाणा के राज्यपाल Bandaru Dattatreya, मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini, CBI निदेशक और SFIO निदेशक को भी पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी है।
फिलहाल, इस मुद्दे ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इस पर केंद्र व राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
