Delhi Ambala Rail Line हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली से अंबाला तक नई रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे जीटी रोड बेल्ट के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इस परियोजना को प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में मंजूरी दी गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे रणनीतिक और यात्री दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
194 किलोमीटर लंबी लाइन, 5983 करोड़ रुपये का निवेश
नई रेल लाइन की कुल लंबाई 194 किलोमीटर होगी और इस पर लगभग 5983 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह रेल लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत से होकर गुजरेगी। इससे दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
रणनीतिक दृष्टि से अहम परियोजना
यह रेल लाइन न केवल आम यात्रियों के लिए बल्कि सेना की आवाजाही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दिल्ली से जम्मू तक रणनीतिक मार्ग को मजबूत करने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों तक तेज और सुगम रेल कनेक्टिविटी से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण की बड़ी जरूरत नहीं
परियोजना की खास बात यह है कि इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। नई लाइन का निर्माण मौजूदा रेल लाइन के समानांतर और रेलवे की उपलब्ध जमीन पर किया जाएगा। इससे लागत और समय दोनों की बचत होगी।
नई लाइन पर कुल 29 पुलों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही रास्ते में आने वाले पुराने पुलों का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 32 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा।
पर्यावरणीय लाभ भी महत्वपूर्ण
परियोजना पूरी होने के बाद अनुमानित 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से सड़क यातायात का दबाव कम होगा, जिससे प्रदूषण घटेगा और ईंधन की बचत होगी। इसे हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरियाणा में अन्य प्रमुख रेल परियोजनाएं
हरियाणा में इन दिनों कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। इनमें सबसे बड़ी परियोजना आर्बिटल रेल कॉरिडोर है, जो कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के साथ विकसित की जा रही है। यह नई इलेक्ट्रिक डबल ब्रॉड-गेज लाइन पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते हरसाना कलां (सोनीपत) तक जाएगी।
इसी तरह करनाल-यमुनानगर रेल लाइन को भी स्वीकृति मिल चुकी है। 61 किलोमीटर लंबी यह लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर के रास्ते कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को सीधे जोड़ेगी। इससे वर्तमान 121 किलोमीटर का मार्ग घटकर 61 किलोमीटर रह जाएगा।
रोहतक-महम-हांसी नई रेल लाइन भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है, जिससे रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच लगभग 20 किलोमीटर की दूरी कम हुई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेल ट्रैक परियोजना से ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली-अंबाला नई रेल लाइन से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि औद्योगिक, वाणिज्यिक और सामरिक दृष्टि से भी हरियाणा को बड़ा लाभ मिलेगा। जीटी रोड बेल्ट में रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
