Bullet Train India: भारत में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को एनसीआर मुख्यालय और डीआरएम कार्यालय के साथ आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली–वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर अहम संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इस रूट पर हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
रेल मंत्री के अनुसार, इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद दिल्ली से बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनों से भी इस सफर में 8 घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगा कॉरिडोर
2021 में शुरू हुए प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक, यह हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगा। प्रस्तावित प्रमुख स्टेशनों में मथुरा और आगरा (पर्यटन व व्यापारिक केंद्र), लखनऊ (प्रदेश की राजधानी), अयोध्या (राम मंदिर के बाद वैश्विक पर्यटन केंद्र) और प्रयागराज (संगम नगरी व कुंभ स्थल) शामिल हैं।
डीपीआर और निवेश पर फोकस
रेल मंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर के लिए अब डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। दिल्ली–वाराणसी के साथ-साथ वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। अगले पांच वर्षों के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे निवेश और कारोबारी गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
बदलेगी प्रयागराज की तस्वीर
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से प्रयागराज की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से प्रयागराज केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा। संगम पर हर साल जुटने वाली करोड़ों की भीड़ के कारण यातायात पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
दिल्ली से एक दिन में जाकर लौटने की सुविधा मिलने से आईटी और प्रोफेशनल सेक्टर के लोग प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में बसना पसंद कर सकते हैं। सर्वे के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों को उचित मुआवजा और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
5 साल में पूरा करने का लक्ष्य
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीआर के जीएम नरेंद्र सिंह पाल, सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहे। रेल मंत्रालय का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।