Aaj Ki Kahani: एक गांव में घटी घटना ने लोगों को बड़ी सीख दी। बताया जाता है कि रहमान नामक व्यक्ति के घर में एक चूहा रहता था। एक दिन रहमान बाजार से सामान के साथ चूहेदानी भी खरीदकर लाए। यह देखकर चूहा घबरा गया और उसने अपने आसपास रहने वाले कबूतर, मुर्गे और बकरे से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उसकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।
रात के समय चूहेदानी में चूहा नहीं बल्कि एक जहरीला सांप फंस गया। घर की छोटी बच्ची जब चूहेदानी देखने पहुंची तो सांप ने उसे डस लिया। परिवार के लोग तुरंत उसे इलाज के लिए ओझा के पास ले गए। उपचार के लिए ओझा ने कबूतर का कंठ मंगवाया, जिसके बाद कबूतर की जान चली गई।
बिटिया की तबीयत धीरे-धीरे सुधरने लगी तो हाल-चाल जानने के लिए कई रिश्तेदार घर पहुंच गए। मेहमानों के स्वागत के लिए रहमान ने मुर्गा पकाने का फैसला किया, जिससे मुर्गे की भी जान चली गई। बाद में बच्ची के ठीक होने पर की गई मन्नत पूरी करने के लिए बकरे की कुर्बानी दे दी गई।
इस तरह जिस समस्या को शुरुआत में केवल चूहे की परेशानी समझकर नजरअंदाज किया गया था, उसका असर अंत में सभी पर पड़ा।
यह घटना सिखाती है कि जब कोई व्यक्ति या पड़ोसी मुसीबत में हो तो उसकी मदद करनी चाहिए। किसी की समस्या को नजरअंदाज करना कई बार सभी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।