Elevated road: गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना पर काम तेज हो गया है। इस परियोजना के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे को सीधे गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ा जाएगा, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने करीब 754 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे 22 अप्रैल को खोला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार एलिवेटेड रोड का निर्माण लगभग 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई लगभग 4.2 किलोमीटर होगी और इसके दोनों ओर चार-चार लेन की सड़क बनाई जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाहन चालकों को द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में काफी कम समय लगेगा।
फिलहाल वाहन चालकों को द्वारका एक्सप्रेसवे से SPR के रास्ते गुरुग्राम-सोहना हाईवे की सर्विस रोड होते हुए भोंडसी के पास मुख्य हाईवे पर चढ़ना पड़ता है। इस दौरान SPR और सर्विस रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण करीब 40 से 45 मिनट का समय लग जाता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद यह सफर महज 10 से 15 मिनट में पूरा हो सकेगा।
शहर में कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए गोल्फ कोर्स रोड पर लगभग 8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना भी तैयार की गई है, जो गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ेगा। इस परियोजना पर करीब 1850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसकी डीपीआर तैयार की जा चुकी है।
इसके साथ ही SPR और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए क्लोवरलीफ इंटरचेंज भी बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड और गुरुग्राम-सोहना हाईवे के बीच सीधा कनेक्शन स्थापित हो जाएगा, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है।
वहीं शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए GMDA ने सेक्टर-1 से सेक्टर-23 तक की मुख्य सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की योजना भी शुरू की है। इसके लिए करीब 6 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। टेंडर मिलने के बाद अगर दो साल के भीतर सड़क पर गड्ढे बनते हैं, तो उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।