Kurukshetra News: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा लाडवा (कुरुक्षेत्र) की अनाज मंडी परिसर में आयोजित दो दिवसीय कृषि विकास मेले का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने की।
मेले में पहुंचने पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों का स्वागत किया। मेले में कृषि यंत्र, उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।
मथाना में 10 एकड़ में बनेगा ‘सुक्रीत’ उत्कृष्टता केंद्र
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में घोषणा की कि कुरुक्षेत्र जिले के मथाना गांव में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली का संस्थान स्थापित किया जाएगा। इस संस्थान का नाम ‘सुक्रीत – एक उत्कृष्टता केंद्र’ होगा।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान कृषि और ग्रामीण आंचल में उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला प्रेरणा स्थल बनेगा। यह केंद्र चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के तत्वावधान में कार्य करेगा और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रशिक्षण व शोध को बढ़ावा देगा।
शोध खेत तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि कृषि शोध को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने किसान और वैज्ञानिक के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि नई तकनीकों को तेजी से खेतों में अपनाया जा सके।
जल संरक्षण और पराली प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, तकनीक आधारित कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फसल अवशेष एवं पराली प्रबंधन के लिए एक लाख से अधिक मशीनें किसानों को उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को नकली बीज और कीटनाशक से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं। साथ ही विभिन्न किसान हितैषी सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए किसानों से इनका लाभ उठाने की अपील की।
मेले में बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। कृषि विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक खेती, जैविक कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। यह मेला किसानों के लिए नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का सशक्त मंच साबित हुआ।
