Satpal Jamba Pundri: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में पुंडरी क्षेत्र के किसानों से जुड़ा एक अहम मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पुंडरी के विधायक Satpal Jamba ने सदन में चंदाना माइनर और थरोटा माइनर की जर्जर स्थिति को लेकर सरकार से सवाल किया और इनके पुनर्वास एवं मरम्मत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की।
इन दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग ₹17.14 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी।
किसानों को हो रही थी भारी परेशानी
विधायक सतपाल जांबा ने सदन में कहा कि चंदाना माइनर (लगभग ₹7 करोड़ 52 लाख) और थरोटा माइनर (लगभग ₹9 करोड़ 62 लाख) लंबे समय से जर्जर हालत में हैं।
उन्होंने बताया कि फसल सीजन के दौरान पानी की आपूर्ति बाधित होने से हजारों किसानों को सिंचाई संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पानी की कमी के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होता है, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ता है।
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
1 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे कार्य
इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार में मंत्री Shruti Choudhry ने सदन में सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि चंदाना और थरोटा माइनर के पुनर्वास एवं मरम्मत कार्य 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दिए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सिंचाई ढांचे को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विधायक ने जताया आभार
मंत्री के आश्वासन के बाद विधायक सतपाल जांबा ने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और मंत्री श्रुति चौधरी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा:
“किसानों के हित सर्वोपरि हैं। ₹17.14 करोड़ की लागत से चंदाना और थरोटा माइनर का पुनर्वास कार्य शुरू होना पुंडरी क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है। मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी और माननीय मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।”
हजारों एकड़ भूमि को मिलेगा लाभ
विधायक ने कहा कि इन दोनों माइनरों के पुनर्वास के बाद हजारों एकड़ कृषि भूमि को नियमित और पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सिंचाई व्यवस्था में सुधार से जल प्रबंधन भी बेहतर होगा और पानी की बर्बादी पर अंकुश लगेगा।
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
विधानसभा में इस घोषणा के बाद पुंडरी क्षेत्र के किसानों में उत्साह और उम्मीद का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस कार्य के शुरू होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई ढांचे को मजबूत करना हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह की परियोजनाएं न केवल उत्पादन बढ़ाती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती हैं।
चंदाना और थरोटा माइनर के पुनर्वास की घोषणा पुंडरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। ₹17.14 करोड़ की लागत से शुरू होने वाला यह कार्य किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।
1 अप्रैल 2026 से कार्य शुरू होने की घोषणा के साथ ही अब किसानों की नजरें इस परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
