Haryana Board Official News: हरियाणा सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश Cash Award Scheme for SC Students (कक्षा 9वीं से 12वीं) के अंतर्गत वर्ष 2025–26 के लाभार्थियों के डेटा सत्यापन से संबंधित है।
निदेशालय द्वारा जारी पत्र (यादि क्रमांक KW 12/1-2025 Exam (1), दिनांक 23.02.2026) के अनुसार PFMS पोर्टल पर छात्रवृत्ति वितरित करते समय कई विद्यार्थियों का डेटा संबंधित बैंकों द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया है, जिसके कारण पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया।

क्या है मामला?
विभाग ने बताया कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक के SC विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही Cash Award Scheme के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया जारी है।
लेकिन PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल पर भुगतान के दौरान कुछ विद्यार्थियों के बैंक विवरण में त्रुटियां पाई गईं, जिससे उनका डेटा अस्वीकृत हो गया।
इसके चलते कई पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया।
जिला शिक्षा अधिकारियों को क्या निर्देश?
निदेशालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि:
- अपने जिले से संबंधित सभी SC छात्रों का डेटा पुनः जांचें।
- बैंक पासबुक की प्रति के आधार पर खातों का सत्यापन करें।
- निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार Soft Copy और Hard Copy तैयार करें।
- यह समस्त जानकारी 25 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से विभाग की ईमेल आईडी eduhry.exam@gmail.com पर भेजी जाए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती है, तो इसके लिए संबंधित जिला कार्यालय और विद्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे।
स्कूल प्रमुखों की भी जिम्मेदारी तय
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय मुखिया द्वारा संबंधित सूचना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजना सुनिश्चित किया जाए।
यानी अब स्कूल स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारियों को डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करनी होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
Cash Award Scheme का उद्देश्य SC वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी आर्थिक सहायता करना है।
यह योजना विशेष रूप से 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए चलाई जाती है ताकि वे पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहें।
विभाग की सख्त चेतावनी
शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि डेटा अपडेट में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयसीमा का कड़ाई से पालन करना होगा।
हरियाणा सरकार की इस पहल का मकसद पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ समय पर पहुंचाना है। अब गेंद जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रशासन के पाले में है कि वे 25 फरवरी तक सभी त्रुटियां सुधारकर रिपोर्ट भेजें।
