Haryana Breaking News: हरियाणा के जींद जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च का विवरण समय पर जमा नहीं करने के मामले में तीन पार्षदों की सदस्यता रद्द कर दी। जींद नगर परिषद के दो पार्षद और उचाना नगरपालिका की एक पार्षद को पद से हटाते हुए साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
किन-किन पार्षदों पर हुई कार्रवाई
जिले के तीन पार्षदों को चुनाव आयोग के नियमों की अनदेखी भारी पड़ गई है। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च का ब्यौरा समय पर जमा न करने पर जींद नगर परिषद के दो पार्षदों और उचाना नगरपालिका की एक पार्षद की सदस्यता रद्द कर दी है। साथ ही तीनों को साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
किन पार्षदों पर हुई कार्रवाई
उचाना नगरपालिका वार्ड-12 की पार्षद गीता
जींद नगर परिषद वार्ड-17 की पार्षद सुशीला चहल
जींद नगर परिषद वार्ड-21 के पार्षद सतपाल कुंडू
30 दिन में देना होता है खर्च का ब्यौरा
जींद नगर परिषद के आम चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे और 22 जून को परिणाम घोषित किए गए थे। नियमों के अनुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर सभी निर्वाचित पार्षदों को अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना अनिवार्य होता है।
बताया गया है कि इन तीनों पार्षदों ने तय समय सीमा के भीतर खर्च का स्टेटमेंट जमा नहीं कराया। इस लापरवाही के चलते जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने 26 सितंबर 2025 को उन्हें पांच साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।
राज्य चुनाव आयोग में अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी के फैसले के खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग में अपील दायर की। 29 जनवरी को आयोग ने तीनों को व्यक्तिगत सुनवाई (पर्सनल हियरिंग) का अवसर दिया।
सुनवाई के दौरान पार्षदों की ओर से अपने पक्ष में तथ्य और दलीलें रखी गईं। प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद राज्य चुनाव आयुक्त ने पांच साल की अयोग्यता में से छह महीने की राहत दी। अब तीनों पार्षद पांच साल की बजाय साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहेंगे।
किस प्रावधान के तहत हटाई सदस्यता
आयोग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई निर्वाचित सदस्य एक्ट की धारा 13F या 13H के तहत चुनाव खर्च का विवरण जमा नहीं करता है, तो सुनवाई के बाद उसे पद से हटाया जा सकता है।
इसी प्रावधान के तहत पार्षद सुशीला चहल और सतपाल कुंडू को जींद नगर परिषद से तथा गीता को उचाना नगरपालिका से पदमुक्त किया गया है।
45 दिन में रिव्यू का मौका
आयोग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर संबंधित पार्षद पुनर्निरीक्षण (रिव्यू) के लिए राज्य चुनाव आयोग में अपील कर सकते हैं।
सुशीला चहल ने क्या कहा
पार्षद सुशीला चहल ने कहा कि उनके पास अभी रिव्यू का अवसर है और वे जल्द ही आयोग में अपील करेंगी। उन्होंने बताया कि परिवार में मृत्यु होने के कारण वे समय पर चुनाव खर्च का ब्यौरा जमा नहीं कर सकीं।
उन्होंने यह भी कहा कि 29 जनवरी की सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना खर्च विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया था और उन्हें उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा।
