Haryana Teacher: हरियाणा में वोकेशनल टीचर्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने वोकेशनल शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश के वोकेशनल टीचर्स को प्रति माह 36 हजार 600 रुपये मानदेय मिलेगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे प्रदेशभर में कार्यरत 2000 से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।
5 प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी
जानकारी के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर जितेंद्र कुमार की ओर से मानदेय में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले वोकेशनल टीचर्स को 35 हजार 75 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा था। अब नई वृद्धि के बाद यह राशि बढ़कर 36 हजार 600 रुपये हो गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की नीति के अनुसार हर साल मानदेय में बढ़ोतरी की जा रही है, ताकि वोकेशनल शिक्षकों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सके और वे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रेरित रहें।
पहले भी हो चुकी है बढ़ोतरी
गौरतलब है कि वोकेशनल टीचर्स के मानदेय में नियमित बढ़ोतरी की प्रक्रिया पहले से जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 23 दिसंबर 2021 को घोषणा की थी कि वोकेशनल शिक्षकों के मानदेय में हर साल 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इस घोषणा को मार्च 2022 में लागू किया गया था, जब शिक्षकों के मानदेय में एकमुश्त 7,259 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
इसके बाद से सरकार हर वर्ष निर्धारित प्रतिशत के अनुसार मानदेय बढ़ा रही है। यह वृद्धि 30 हजार 500 रुपये के बेसिक मानदेय के आधार पर की जा रही है, जिससे शिक्षकों को क्रमिक रूप से लाभ मिल रहा है।

शिक्षकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले से प्रदेशभर में कार्यरत दो हजार से अधिक वोकेशनल टीचर्स को लाभ होगा। शिक्षकों का कहना है कि मानदेय में बढ़ोतरी से उन्हें आर्थिक रूप से कुछ राहत मिलेगी और वे अपने कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
वोकेशनल शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वोकेशनल टीचर्स के मानदेय में बढ़ोतरी से इस क्षेत्र में योग्य शिक्षकों की रुचि भी बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा। सरकार का यह कदम कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
राज्य सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और शिक्षकों के हित में फैसले लेने का दावा कर रही है। आने वाले समय में भी शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए नई योजनाओं की संभावना जताई जा रही है।
