UPSC Success Story: कुरुक्षेत्र जिले के डेरू माजरा गांव के होनहार युवक अमनप्रीत सैनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 319वीं रैंक हासिल कर जिले और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से आने वाले अमनप्रीत की इस सफलता से गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अमनप्रीत एक संयुक्त परिवार से संबंध रखते हैं और अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता जोगिंद्र सैनी 5 एकड़ जमीन के किसान हैं, जबकि माता मंजीत कौर गृहिणी हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं।

शिक्षा का सफर
अमनप्रीत की शुरुआती पढ़ाई मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल, पिपली से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी स्कूल, सेक्टर-3 कुरुक्षेत्र से 12वीं की शिक्षा पूरी की।
उन्होंने बीएससी की पढ़ाई कौल स्थित कृषि कॉलेज से की, जबकि एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई हिसार कृषि विश्वविद्यालय से पूरी की।
वर्तमान में अमनप्रीत कृषि विभाग में एसडीओ के पद पर जगाधरी में तैनात हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में इस पद पर जॉइन किया था।
छह प्रयासों के बाद मिली सफलता
अमनप्रीत ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के लिए छह बार प्रयास किया। इनमें से तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचे। पिछले वर्ष वे अंतिम चयन से सिर्फ 10 अंकों से चूक गए थे।
उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और नौकरी के साथ-साथ लगातार तैयारी जारी रखी। इसी मेहनत और धैर्य का परिणाम है कि इस बार उन्हें सफलता मिली।
कोरोना काल में मिली प्रेरणा
अमनप्रीत ने बताया कि उन्हें यूपीएससी की तैयारी की प्रेरणा कोरोना काल के दौरान मिली। उस समय वे हिसार कृषि विश्वविद्यालय के हॉस्टल में थे। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने साथियों और सीनियर छात्रों को यूपीएससी की तैयारी करते देखा और वहीं से उन्हें भी इस परीक्षा की प्रेरणा मिली।
उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2022 में पहली बार इंटरव्यू दिया। उन्होंने बताया कि उनके उस बैच में हॉस्टल के कई साथी तैयारी कर रहे थे, लेकिन अंततः चयनित होने वाले वे अकेले छात्र बने।
युवाओं को दिया संदेश
अपनी सफलता का मूलमंत्र बताते हुए अमनप्रीत ने युवाओं से कहा,
“हार मत मानो, बस लगातार कोशिश करते रहो। ग्रामीण परिवेश के छात्रों को अक्सर सही मार्गदर्शन देर से मिलता है, इसलिए वे देर से शुरुआत करते हैं और जल्दी हार मान लेते हैं। यूपीएससी भी एक परीक्षा ही है, जिसे मेहनत और निरंतर प्रयास से पास किया जा सकता है।”
