Haryana Budget 2026: दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनी यमुना नदी की सफाई को लेकर हरियाणा सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस विषय पर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने यमुना एक्शन प्लान के अंतर्गत नदी के जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना और नदी के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करना है।
हरियाणा में 250 किलोमीटर बहती है यमुना
यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा में लगभग 180 किलोमीटर तक बहती है और दिल्ली से निकलने के बाद फिर करीब 70 किलोमीटर हरियाणा क्षेत्र से गुजरती है। ऐसे में यमुना के प्रदूषण नियंत्रण और जल गुणवत्ता सुधार में हरियाणा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार का मानना है कि यदि हरियाणा में प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, तो दिल्ली में भी नदी की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
मार्च 2028 तक बनेंगे 21 नए ट्रीटमेंट प्लांट
यमुना के जल को प्रदूषण रहित बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत मार्च 2028 तक कुल 21 ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
- 146 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले 8 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) बनाए जाएंगे।
- 622 एमएलडी क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंगे।
इन प्लांटों के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज के पानी को शुद्ध कर नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे प्रदूषण का स्तर कम होगा और जल गुणवत्ता में सुधार आएगा।
राज्यपाल ने अभिभाषण में दोहराया संकल्प
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने अभिभाषण में नायब सरकार के इस संकल्प की जानकारी दी कि यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा विषय है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में एसवाईएल नहर (सतलुज-यमुना लिंक नहर) के निर्माण का भी उल्लेख किया और स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार इसके निर्माण के प्रति पहले की तरह पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण के व्यापक दृष्टिकोण के तहत सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी है। चालू वित्त वर्ष में किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति एकड़ से 1200 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
इस निर्णय का उद्देश्य पराली जलाने की घटनाओं को कम करना और प्रदूषण नियंत्रण में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सड़क अवसंरचना में बड़ा विस्तार
राज्य सरकार ने सभी 12 फुट चौड़ी सड़कों को 18 फुट चौड़ा बनाने का निर्णय लिया है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगम और सुरक्षित हो सके।
- मार्च 2026 तक 1275 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
- शेष 2225 किलोमीटर सड़कों का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
हर जिला सीधे नेशनल हाईवे से जुड़ेगा
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बताया कि हरियाणा का प्रत्येक जिला सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) से जोड़ा जाएगा। इससे औद्योगिक विकास, व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
परिवहन ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए:
- पानीपत में इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार हो चुका है।
- यमुनानगर-जगाधरी में 31 मार्च 2026 तक नया बस डिपो तैयार हो जाएगा।
650 एसी बसों की शुरुआत
गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे महानगरों सहित 10 अन्य शहरों में शहरी परिवहन को मजबूत बनाने के लिए 650 स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बसें शुरू की जाएंगी।
इन बसों के संचालन से शहरी यातायात को नई दिशा मिलेगी और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक परिवहन को आकर्षक और सुविधाजनक बनाया जाए ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय बसों का अधिक उपयोग करें।
हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर बनेगा गेम चेंजर
हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए 11,607 करोड़ रुपये की लागत से हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। राज्यपाल के अनुसार इसका प्राथमिक सेक्शन पातली-मानेसर मालगाड़ियों के लिए पहले ही खोला जा चुका है।
इस पूरे प्रोजेक्ट को जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होने पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में माल परिवहन का दबाव कम होगा और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
लेवल क्रॉसिंग खत्म करने की योजना
सड़कों पर सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए लेवल क्रॉसिंग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात की गति बढ़ेगी।
स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम
राज्य सरकार की स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत 49 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं और शेष 17 परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।
यह योजना लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से लागू की गई है।
यमुना नदी की सफाई से लेकर सड़क, रेल और शहरी परिवहन के विस्तार तक हरियाणा सरकार ने बहुआयामी विकास योजना प्रस्तुत की है। मार्च 2028 और जून 2029 जैसे स्पष्ट लक्ष्यों के साथ बनाई गई यह योजनाएं राज्य के पर्यावरणीय और आर्थिक विकास को नई दिशा दे सकती हैं।
यमुना की सफाई केवल एक नदी को स्वच्छ बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। यदि तय समयसीमा में योजनाएं पूरी होती हैं, तो हरियाणा आने वाले वर्षों में स्वच्छ पर्यावरण और मजबूत अवसंरचना के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर सकता है।
