Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा में कांग्रेस ने देर रात अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने हरियाणा राज्यसभा सीट के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध के नाम पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस में राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था। पार्टी के भीतर चार नामों की चर्चा थी, जिनमें कर्मवीर सिंह बौद्ध, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान, पूर्व विधायक जयवीर वाल्मीकि और नेता अशोक तंवर शामिल थे। हालांकि अंत में पार्टी ने कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया।

9 अप्रैल को खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इन सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है, जबकि चुनाव 16 मार्च को होना तय है। भारतीय जनता पार्टी पहले ही करनाल से पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
क्यों चुना गया कर्मवीर बौद्ध का नाम?
सूत्रों के अनुसार कर्मवीर बौद्ध का नाम तय होने के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। पहला, वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, जिससे सामाजिक संतुलन साधने में मदद मिल सकती है। दूसरा, वे हरियाणा विधानसभा के पूर्व सचिव रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। तीसरा और महत्वपूर्ण कारण यह माना जा रहा है कि पिछले साल हरियाणा की राजनीति में चर्चा में रहे आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस से जुड़े आंदोलन में वे प्रमुख भूमिका में रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उनके नाम का सुझाव दिया था। बताया जा रहा है कि हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी की लीगल टीम देर रात तक नामांकन से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में जुटी रही, ताकि समय रहते नामांकन दाखिल किया जा सके।
कौन हैं कर्मवीर बौद्ध?
कर्मवीर सिंह बौद्ध हरियाणा के अंबाला जिले के निवासी हैं। वे हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब पांच साल पहले सुपरिंटेंडेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सचिवालय में वे खरीद-फरोख्त और केयरटेकर से जुड़े कार्य देखते थे। उनकी पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं।
सेवा के दौरान एक विवाद के चलते उन्हें निलंबित भी किया गया था। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सचिवालय के एक स्टोर में आग लगने की घटना के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद उन्हें कोई प्रमोशन नहीं मिला और वे सुपरिंटेंडेंट के पद से ही सेवानिवृत्त हो गए।
कांग्रेस में संतुलित चेहरा माने जाते हैं
कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस में किसी भी गुट या खेमे से जुड़ा नेता नहीं माना जाता। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्वस्वीकार्य चेहरा माना जा रहा है। वे लंबे समय से पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और ‘संविधान बचाओ अभियान’ जैसे अभियानों में भी शामिल रहे हैं।
साथ ही अनुसूचित जाति समुदाय से आने के कारण उन्हें सामाजिक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से भी अहम उम्मीदवार माना जा रहा है।
दिलचस्प होगा मुकाबला
हरियाणा की दोनों राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 मार्च को होना है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम समय में राजनीतिक रणनीति या क्रॉस वोटिंग समीकरण बदल भी सकती है।
फिलहाल सबकी नजरें आज होने वाले नामांकन और उसके बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।
