Rajya Sabha Election Haryana: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करनाल से पूर्व सांसद Sanjay Bhatia को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। संजय भाटिया 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि भी 5 मार्च तय की गई है।
भाजपा ने समय रहते अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर चुनावी रणनीति में बढ़त लेने की कोशिश की है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वे लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar के करीबी माने जाते हैं।
कौन हैं संजय भाटिया?
संजय भाटिया का जन्म 29 जुलाई 1967 को हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ था। वे पानीपत के मॉडल टाउन के निवासी हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की और पोस्ट ग्रेजुएशन Kurukshetra University से किया।
छात्र जीवन से ही वे भाजपा की छात्र इकाई Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad से जुड़े रहे। संगठन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
राजनीतिक सफर की प्रमुख झलकियां:
- 1987: एबीवीपी के मंडल सचिव बने
- 1989: एबीवीपी के जिला महासचिव
- 1998: भाजपा युवा मोर्चा के राज्य महासचिव
- हरियाणा खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष रहे
- 2019 लोकसभा चुनाव में करनाल से सांसद बने
2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप शर्मा को 6.56 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को करनाल से उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद से वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
कांग्रेस प्रत्याशी पर सस्पेंस
भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब नजरें कांग्रेस पर टिकी हैं। कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अंबाला के मुलाना क्षेत्र से जुड़े नेता कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वे दलित समुदाय से आते हैं और हरियाणा विधानसभा के पूर्व सचिव रह चुके हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
दो सीटों के लिए दिलचस्प गणित
हरियाणा से राज्यसभा सांसद Kiran Choudhry और Ram Chandra Jangra का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन दोनों सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल:
- भाजपा: 48 विधायक
- कांग्रेस: 37 विधायक
- निर्दलीय: 3 विधायक
- इनेलो: 2 विधायक
कुल वैध मत: 90
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 वोट आवश्यक हैं।
संभावित राजनीतिक समीकरण
विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार भाजपा अपने 48 वोटों के दम पर एक उम्मीदवार को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। इस लिहाज से संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा के पास इसके बाद भी लगभग 17 वोट अतिरिक्त बचेंगे।
वहीं कांग्रेस के पास 37 वोट हैं, जिससे वह अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर एक सीट जीत सकती है। उसके पास 6 वोट शेष रहेंगे।
यदि भाजपा दूसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारती है, तो उसे निर्दलीयों और इनेलो के समर्थन के साथ-साथ कम से कम 9 क्रॉस वोट की जरूरत होगी, जो फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।
क्या बदल सकते हैं अंतिम समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा स्थिति में हरियाणा की दोनों राज्यसभा सीटों पर एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना ज्यादा है। हालांकि अंतिम समय में राजनीतिक रणनीति, निर्दलीय विधायकों का समर्थन या क्रॉस वोटिंग चुनावी समीकरण बदल सकती है।
फिलहाल हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है और अब सबकी निगाहें कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।
