Kurukshetra Breaking News: हरियाणा के शाहाबाद मारकंडा की लक्की कॉलोनी में शनिवार सायं एक हृदयविदारक हादसा हो गया। 66 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 11 वर्षीय मासूम केशव की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लक्की कॉलोनी में रूबीना खान के घर के साथ से 66 केवी की हाईटेंशन तार गुजर रही है। शनिवार शाम करीब 5 बजे केशव घर की छत पर चढ़ा हुआ था। उसी दौरान उसकी नजर बिजली की तार पर बैठे एक कबूतर पर पड़ी। बताया जा रहा है कि कबूतर को उड़ाने के लिए उसने पर्दा लटकाने वाली लोहे की रॉड उठा ली और हाईटेंशन तार की ओर बढ़ा दी। जैसे ही लोहे की रॉड तार से टकराई, तेज धमाका हुआ और केशव आग की लपटों में घिर गया।
धमाके की आवाज सुनकर मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी और सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद लोग छत पर पहुंचे और गंभीर रूप से झुलसे केशव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसा इतना भीषण था कि आसपास की कई दुकानों के शटर तक फट गए और कई बिजली उपकरण जलकर खराब हो गए। जिस मकान की छत पर यह दुर्घटना हुई, वहां की पूरी वायरिंग और बिजली का मीटर जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस धमाके के कारण लगभग आधा किलोमीटर तक बिजली की लाइन को नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इस दर्दनाक हादसे की प्रत्यक्षदर्शी करीब 12 वर्षीय अलीशा भी सदमे में है। उसने बताया कि ट्यूशन से घर लौटने के बाद वह छत पर गई तो देखा कि केशव बुरी तरह से जल रहा था और जोर-जोर से चीख रहा था। यह मंजर देखकर वह घबरा गई और बेसुध हो गई। परिजन उसे नीचे लेकर आए और काफी देर बाद वह सामान्य हो सकी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आबादी के बीच से गुजर रही इन हाईटेंशन तारों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ लोगों का दावा है कि इससे पहले भी दो लोगों की जान जा चुकी है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि इन खतरनाक तारों को रिहायशी क्षेत्र से हटाया जाए या भूमिगत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह हादसा एक बार फिर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। मासूम केशव की असमय मौत से पूरा इलाका गमगीन है और हर आंख नम है।
