Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले में पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) में नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पैक्स के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को हरियाणा सहकारिता विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर जसबीर सिंह के साथ मिलकर गांव पाडला के एक युवक को नौकरी दिलाने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
एक लाख की मांग, 70 हजार पहले ही ले चुके थे
शिकायत के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने युवक को पैक्स में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर एक लाख रुपये की मांग की। बताया गया है कि 70 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे और शेष 30 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
वीरवार को जब 30 हजार रुपये की रकम दी जा रही थी, तभी एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रैप लगाकर दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
शिकायतकर्ता ने खोली पोल
गांव पाडला निवासी मांगेराम ने एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने पोते अभिमन्यु को पैक्स में नौकरी दिलाने के लिए उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई। जब अधिकारियों की मांग लगातार बढ़ती गई, तो उन्होंने एसीबी से संपर्क किया।
एसीबी ने योजना के तहत निगरानी रखी और तय स्थान पर 30 हजार रुपये लेते समय दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। मौके पर ही पूरी कार्रवाई की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
विभागीय कार्रवाई: निलंबन आदेश जारी
मामले के सामने आने के बाद हरियाणा सहकारिता विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को निलंबित कर दिया। विभाग के एसीएस ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकुला स्थित रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा कार्यालय रहेगा। उन्हें बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
वेतन और भत्तों पर प्रभाव
निलंबन के पहले छह महीनों के दौरान ऋषि महाजन को अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर राशि पर निर्वाह भत्ता मिलेगा, जो सामान्यतः आधे वेतन के बराबर होता है।
यदि निलंबन छह महीने से अधिक चलता है, तो उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की दर से भुगतान किया जाएगा, बशर्ते वे प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार सक्रिय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैक्स जैसी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
