Aaj Ki Kahani: भाईचारे की मिसाल: जो हुआ उस रात, उसने बदल दी जिंदगी की सोच

MISAL

Aaj Ki Kahani: एक छोटे से गाँव में दो भाई रहते थे। बचपन में ही माता-पिता के निधन के बाद दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन की कठिन राह तय की। दुखों के बीच उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि अपने खेतों में दिन-रात मेहनत करके जीवन को आगे बढ़ाया। समय बीता, बड़ा भाई विवाह बंधन में बंध गया और उसके दो बच्चे हो गए। छोटा भाई अभी अविवाहित था, लेकिन खेत की उपज दोनों बराबर-बराबर बांटते थे।

छोटे भाई का त्याग

एक दिन खेत में काम करते हुए छोटे भाई के मन में विचार आया—“मैं अकेला हूं, मेरी जरूरतें कम हैं। लेकिन भैया का परिवार बड़ा है, खर्च भी ज्यादा है। ऐसे में बराबर बंटवारा करना उचित नहीं है।”

उसने मन ही मन निर्णय लिया कि वह हर रात अपने हिस्से में से एक बोरा अनाज चुपचाप बड़े भाई के खेत में रख आएगा। उसने ऐसा करना शुरू कर दिया। रात के अंधेरे में वह बिना किसी को बताए अनाज का बोरा उठाकर भाई के खेत में रख आता।

कब है होली
Holika dahan 2026: होली की तारीख बदली? जानिए 3 या 4 मार्च में कब मनाएं रंगों का त्योहार! चंद्रग्रहण ने बढ़ाया कन्फ्यूजन!

बड़े भाई की भावना

उधर बड़े भाई के मन में भी कुछ ऐसा ही चल रहा था। उसने सोचा—“मेरे पास पत्नी और बच्चे हैं, जो भविष्य में मेरा सहारा बनेंगे। लेकिन मेरा छोटा भाई अकेला है। उसके भविष्य का क्या? उसे तो अधिक सहारे की जरूरत है।”

यह सोचकर वह भी हर रात एक बोरा अनाज अपने खेत से उठाकर छोटे भाई के खेत में रख आता।

हैरानी और रहस्य

कई दिन बीत गए। दोनों भाइयों को आश्चर्य होने लगा कि अनाज कम क्यों नहीं हो रहा। वे जितना निकालते, उतना ही भरा हुआ पाते। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि यह कैसे संभव है।

8 pushap
True meaning of worship: भगवान को प्रसन्न करना है? बस ये 8 प्रकार के फूल चढ़ाने से मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी!

एक रात जब दोनों अपने-अपने खेतों की ओर अनाज का बोरा लेकर जा रहे थे, रास्ते में उनकी मुलाकात हो गई। जब सच सामने आया तो दोनों की आंखें भर आईं। उन्हें समझ में आ गया कि वे दोनों एक-दूसरे के लिए त्याग कर रहे थे।

प्रेम का आलिंगन

सच्चाई जानकर दोनों भाई खुशी से एक-दूसरे के गले लग गए और भावुक होकर रो पड़े। उस क्षण में न कोई गणना थी, न कोई स्वार्थ—सिर्फ प्रेम, विश्वास और त्याग था।

यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन का बड़ा संदेश है। जब रिश्तों में निस्वार्थ भाव और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता होती है, तो समृद्धि अपने आप बनी रहती है।

tanav
Positive mindset: काम का तनाव: मन को शांत कैसे रखें?, पूज्य महाराज ने दिया ये Solution!

सीख क्या है?

इस प्रेरक कहानी से यह सीख मिलती है कि सच्चा प्रेम त्याग में छिपा होता है। जब हम दूसरों के बारे में सोचते हैं और उनके हित को प्राथमिकता देते हैं, तो ईश्वर भी हमारी झोली खाली नहीं रहने देता।

रिश्तों की असली मजबूती धन या संपत्ति से नहीं, बल्कि विश्वास और अपनत्व से बनती है।

दोनों भाइयों की यह कथा हमें बताती है कि जहां स्वार्थ समाप्त होता है, वहीं से सच्चे सुख और संपन्नता की शुरुआत होती है।

UPI में आया बड़ा बदलाव
UPI New Update 2026: UPI यूज करते हो तो सावधान! 2026 के नए नियम बदल देंगे आपका पेमेंट करने का तरीका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *