AAP leader bomb threat: दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला जारी था। अब यह मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडे को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद राजधानी की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, दिलीप पांडे को यह धमकी एक संदिग्ध ई-मेल आईडी से भेजी गई। ई-मेल में कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, ई-मेल की भाषा और उसमें दिए गए विवरणों को लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। सुरक्षा कारणों से जांच से जुड़ी कई बातें फिलहाल गोपनीय रखी जा रही हैं।
धमकी मिलने के तुरंत बाद दिलीप पांडे ने इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी। दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी है। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल के आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल ट्रेल की पड़ताल कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ई-मेल किसी फर्जी पहचान से भेजा गया या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी ठोस खतरे की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित नेता को अतिरिक्त सुरक्षा भी प्रदान की जा सकती है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
बीते दिनों दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिले थे। उन मामलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाए गए थे, लेकिन अधिकांश घटनाएं जांच के बाद झूठी साबित हुईं। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब राजनीतिक नेताओं को भी निशाना बनाए जाने से स्थिति और गंभीर मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की धमकियां लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने का प्रयास हो सकती हैं। हालांकि, जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर धमकी को गंभीरता से लिया जाता है और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाती है। साइबर क्राइम यूनिट यह भी जांच कर रही है कि क्या हाल के स्कूल धमकी मामलों और इस घटना के बीच कोई कड़ी है।
फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता ई-मेल के स्रोत की पहचान करना और संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त करना है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह वास्तविक साजिश थी या फिर किसी शरारती तत्व की हरकत।
राजधानी में लगातार मिल रही धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तकनीकी जांच की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएं
