Air Force school security alert: दिल्ली और गुरुग्राम में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरफोर्स और आर्मी से जुड़े दो प्रमुख स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरे ई-मेल में आर्मी के स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और एहतियातन स्कूल परिसरों को खाली कराया गया।
धमकी मिलने वाले स्कूलों में दिल्ली का Army Public School Dhaula Kuan और Air Force Bal Bharati School Lodhi Road शामिल हैं। इसके अलावा, सुरक्षा सतर्कता के तहत हरियाणा के Gurugram स्थित राजीव चौक के एयरफोर्स स्कूल को भी खाली करा दिया गया।
सुबह-सुबह आया धमकी भरा ई-मेल
सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह स्कूल प्रशासन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था कि आर्मी के स्कूलों को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि ई-मेल में किसी एक विशेष स्कूल का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया था, लेकिन संदेश की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इसे हल्के में नहीं लिया।
जैसे ही ई-मेल की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंची, दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और एयरफोर्स के सुरक्षा विभाग को अलर्ट कर दिया गया। स्कूलों में पढ़ाई तत्काल रोक दी गई और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एहतियातन खाली कराए गए स्कूल
दिल्ली के धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला गया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को मैसेज और कॉल के जरिए सूचित किया कि बच्चों को सुरक्षित घर भेजा जा रहा है।
गुरुग्राम के राजीव चौक स्थित एयरफोर्स स्कूल में भी छुट्टी घोषित कर दी गई। वहां मौजूद छात्रों को बसों और निजी वाहनों के माध्यम से सुरक्षित घर रवाना किया गया। स्कूल परिसर को पूरी तरह खाली कर दिया गया ताकि तलाशी अभियान बिना किसी बाधा के चल सके।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तैनाती
धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
- बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad)
- डॉग स्क्वॉड
- स्थानीय पुलिस बल
- एयरफोर्स की सुरक्षा टीम
को मौके पर तैनात किया। स्कूल परिसरों, कक्षाओं, खेल मैदानों, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास के इलाकों की गहन जांच की गई।
अब तक की जांच में किसी भी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरी सावधानी और तकनीकी उपकरणों की मदद से किया गया।
एयरफोर्स ने खुद संभाली कमान
इस पूरे मामले में एयरफोर्स ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। एयरफोर्स के सुरक्षा अधिकारियों ने अपने स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की निगरानी की।
हालांकि, एयरफोर्स और जिला पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है। सुरक्षा कारणों से कई विवरण गोपनीय रखे गए हैं।
साइबर सेल ई-मेल के सोर्स की जांच में जुटी
धमकी भरे ई-मेल की जांच अब दिल्ली पुलिस की साइबर सेल कर रही है। ई-मेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया, क्या वह फर्जी अकाउंट से भेजा गया था, और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह है—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। अधिकांश मामलों में जांच के बाद ये धमकियां झूठी (होक्स) साबित हुई हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां हर बार ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
अभिभावकों में दहशत और चिंता
घटना की खबर फैलते ही अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया। कई माता-पिता तुरंत स्कूल पहुंच गए, जबकि कुछ ने फोन पर बच्चों की कुशलक्षेम पूछी।
हालांकि स्कूल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं मिला है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
बार-बार मिल रही बम धमकियों ने स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
- स्कूलों में ई-मेल मॉनिटरिंग सिस्टम और मजबूत किया जाना चाहिए।
- साइबर सुरक्षा को और सख्त बनाया जाए।
- आपातकालीन निकासी (Evacuation) ड्रिल नियमित रूप से कराई जाए।
हालांकि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ऐसे मामलों से बच्चों और अभिभावकों पर मानसिक दबाव जरूर पड़ता है।
प्रशासन का क्या कहना है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “धमकी को गंभीरता से लिया गया और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की गई। फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है। जांच जारी है।”
गुरुग्राम प्रशासन ने भी कहा कि एहतियात के तौर पर स्कूल खाली कराया गया था और स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है।
हाल के महीनों में बढ़े ऐसे मामले
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ समय से स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों को बम धमकी वाले ई-मेल मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। जांच में अधिकांश मामलों को फर्जी पाया गया, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को बड़े स्तर पर संसाधन लगाने पड़ते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ई-मेल भेजने वालों का मकसद दहशत फैलाना और प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देना हो सकता है।
दिल्ली और गुरुग्राम के एयरफोर्स और आर्मी स्कूलों को मिली बम धमकी ने एक बार फिर सुरक्षा तंत्र को अलर्ट मोड में ला दिया है। हालांकि अब तक किसी भी परिसर से संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन जांच एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि आपात स्थिति में स्कूल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई की, जिससे संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सका।
अब सबकी नजर साइबर सेल की जांच पर है—क्या यह फिर एक झूठी धमकी साबित होगी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है? आने वाले दिनों में जांच से तस्वीर साफ होगी।
