Gurugram Traffic: गुरुग्राम शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक राजीव चौक पर प्रस्तावित क्लोवर लीफ इंटरचेंज परियोजना को लेकर चल रहा प्रशासनिक संशय अब समाप्त हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय ने औपचारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि इस परियोजना का क्रियान्वयन उसकी द्वारका प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) द्वारा किया जाएगा।
आधिकारिक पुष्टि
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी (रीजनल ऑफिसर) की ओर से जारी आंतरिक निर्देशों के अनुसार, डिजाइन, तकनीकी स्वीकृतियां, टेंडरिंग प्रक्रिया और निर्माण की निगरानी सहित सभी प्रमुख जिम्मेदारियां द्वारका PIU के अधीन रहेंगी।
NHAI के प्रवक्ता ने पुष्टि करते हुए बताया:
“राजीव चौक क्लोवर लीफ परियोजना को द्वारका PIU लीड करेगी। डिजाइन पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।”
पहले यह विचाराधीन था कि परियोजना रेवाड़ी PIU या द्वारका PIU में से कौन संभालेगा। दोनों इकाइयों ने अपने स्तर पर प्रारंभिक डिजाइन विकल्पों पर काम शुरू कर दिया था, लेकिन प्रशासनिक दक्षता और परियोजना के भू-स्थानिक दायरे को देखते हुए अंतिम निर्णय द्वारका PIU के पक्ष में लिया गया।
तकनीकी पृष्ठभूमि
द्वारका PIU पहले से NH 48 (दिल्ली–जयपुर कॉरिडोर) और Dwarka Expressway जैसी उच्च-प्रोफाइल परियोजनाओं का संचालन कर रही है। वहीं रेवाड़ी PIU Sohna Elevated Flyover और गुरुग्राम–रेवाड़ी एक्सप्रेसवे पर कार्यरत है।
राजीव चौक का क्लोवर लीफ इंटरचेंज एनएच-48 और Sohna Road के जंक्शन पर विकसित किया जाएगा, जो वर्तमान में अत्यधिक ट्रैफिक दबाव झेल रहा है।
परियोजना का स्वरूप
- एनएच-48 से सोहना रोड को डायरेक्ट कनेक्टिविटी देने के लिए मल्टी-लेवल रैंप बनाए जाएंगे।
- दिल्ली की दिशा से आने वाले वाहन बिना सिग्नल और नीचे उतरे सीधे सोहना की ओर मुड़ सकेंगे।
- सोहना की ओर से आने वाले वाहन बिना राजीव चौक पर रुकावट के सीधे दिल्ली-जयपुर कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे।
- सिग्नल-फ्री मूवमेंट सुनिश्चित करने के लिए क्लोवर लीफ डिजाइन अपनाया जाएगा।
लागत और अपेक्षित लाभ
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपये आंकी गई है। ट्रैफिक सर्वे के अनुसार, इस जंक्शन से प्रतिदिन लगभग 50,000 वाहन गुजरते हैं। पीक ऑवर में 10–15 मिनट का सफर 45–60 मिनट तक पहुंच जाता है।
NHAI अधिकारियों के अनुसार, इंटरचेंज के पूर्ण होने के बाद:
- यात्रा समय में 30–40 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।
- ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी गिरावट आएगी।
- दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव संतुलित होगा।
आगे की प्रक्रिया
वर्तमान में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने, ट्रैफिक सिमुलेशन स्टडी और भूमि उपलब्धता से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी हैं। NHAI के प्रवक्ता के मुताबिक, सभी वैधानिक मंजूरियां मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्राधिकरण का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर न्यूनतम ट्रैफिक व्यवधान के साथ परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि गुरुग्राम के नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके।
