Masoom Sharma controversy: हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा का जींद में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। 18 फरवरी को जींद के सफीदो रोड स्थित जीत प्लेस में आयोजित सिल्वर जुबली समारोह के दौरान मंच पर हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक और सामाजिक रंग ले लिया है। इस मामले में जहां हरियाणा सरपंच एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है, वहीं मासूम शर्मा के करीबी दोस्त और हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है और गलती स्वीकारते हुए माफी भी मांगी है।
क्या था पूरा मामला?
यह कार्यक्रम मासूम शर्मा की बहन कविता की शादी की 25वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जब मासूम शर्मा स्टेज पर पहुंचे तो मंच पर पहले से काफी भीड़ मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मासूम ने स्टेज खाली करने को कहा ताकि साजिंदों के साथ समन्वय बेहतर हो सके।
इसी दौरान स्टेज पर मौजूद गांव मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के साथ विवाद की स्थिति बन गई। वीडियो में मासूम शर्मा को यह कहते सुना गया कि चाहे सरपंच हो, विधायक हो या मंत्री—परफॉर्मेंस के दौरान सबको नीचे बैठकर कार्यक्रम देखना चाहिए। यह क्लिप वायरल होते ही विवाद बढ़ गया।
मुकेश जाजी का बयान: “गलती टोन में थी”
मासूम शर्मा के करीबी कलाकार मुकेश जाजी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि पूरा घटनाक्रम उनके सामने हुआ। उन्होंने बताया कि स्टेज पर 70-80 लोग थे और भीड़ के कारण व्यवस्था बिगड़ रही थी। मासूम ने सभी से स्टेज खाली करने की अपील की थी।
जाजी ने कहा, “जितना मैंने देखा, पूर्व सरपंच की कोई गलती नहीं थी। उन्हें नीचे से खड़े कुछ लोगों ने उकसाया। मासूम भाई जल्दी गुस्सा हो जाते हैं, यह बात हम मानते हैं। उस टोन में बात नहीं करनी चाहिए थी। मैं पूर्व सरपंच साहब से माफी मांगता हूं, मासूम भाई की तरफ से भी।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रोग्राम बाद में शांतिपूर्वक चला और पूर्व सरपंच भी नीचे बैठकर कार्यक्रम सुनते रहे। उनके अनुसार, कुछ युवाओं द्वारा बार-बार उकसाने से माहौल बिगड़ा और हाथापाई की स्थिति बनी।
बहिष्कार की चेतावनी
विवाद के बाद झज्जर जिले के कई सरपंचों ने मासूम शर्मा के कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा की है। संयुक्त बैठक में कहा गया कि जिले के किसी भी गांव में उन्हें कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गांव पेलपा के सरपंच संदीप ने कहा, “सरपंच एक गांव का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है। उसका सम्मान होना चाहिए। जो व्यक्ति जनप्रतिनिधियों को कुछ नहीं समझता, उसे गांवों में कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
पूर्व सरपंच की चेतावनी
पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि मासूम शर्मा गांव में आकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तो वे महापंचायत बुलाएंगे। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की एंट्री
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी हेमंत बैजलपुरिया ने भी इस मामले में कड़ा बयान दिया। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि मंच की रोशनी में कुछ लोग लोकतंत्र की नींव को भूल जाते हैं। उन्होंने मासूम शर्मा के बहिष्कार की अपील की और कहा कि जरूरत पड़ी तो डीसी को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने यहां तक कहा कि “पब्लिक किसी को ऊपर चढ़ाना जानती है तो नीचे उतारना भी जानती है।” उनके बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन का पूरा बयान
जींद शो विवाद को लेकर हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी हेमंत बैजलपुरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कहा:
“मासूम शर्मा गाना क्या सीख गया, स्टेज पर चढ़ना क्या सीख गया, किसी को कुछ नहीं समझता। इससे उसका चरित्र साफ नजर आता है। कुछ लोगों को मंच की रोशनी इतनी भा जाती है कि उन्हें लोकतंत्र की नींव छोटी लगने लगती है।”
उन्होंने आगे कहा:
“सरपंच एक गांव का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है। उसका सार्वजनिक रूप से अपमान करना पूरे पंचायत तंत्र का अपमान है। पब्लिक किसी को ऊपर चढ़ाना जानती है तो नीचे उतारना भी जानती है। ऐसे कलाकारों का बहिष्कार होना चाहिए।”
बैजलपुरिया ने चेतावनी देते हुए कहा:
“हम सभी सरपंच इकट्ठा होकर जिला उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपेंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस मामले को कोर्ट तक भी ले जाया जा सकता है।”
उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:
“जिसे अपनी पुरानी स्थिति याद नहीं रहती, उसे जनता याद दिला देती है। जनप्रतिनिधियों का सम्मान हर हाल में होना चाहिए। अगर कोई सोचता है कि वह किसी भी मंच से सरपंच, विधायक या मंत्री का अपमान कर सकता है, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अंत में उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित कलाकार सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता, तब तक गांवों में उसके कार्यक्रमों के बहिष्कार पर विचार जारी रहेगा।
मासूम शर्मा की चुप्पी और नई गाड़ियां
विवाद के बीच मासूम शर्मा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, विवाद के बाद उनका एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे गुरुग्राम के टोयोटा शोरूम से तीन नई फॉर्च्यूनर लेजेंडर गाड़ियां लेते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वे अपनी पर्सनल सिक्योरिटी बढ़ा सकते हैं।
सामाजिक और सांस्कृतिक असर
यह मामला अब केवल एक मंच विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कलाकार और जनप्रतिनिधियों के सम्मान, सार्वजनिक कार्यक्रमों की मर्यादा और सामाजिक संवाद की शैली पर बहस छेड़ चुका है। एक ओर कलाकारों की अपनी पेशेवर गरिमा और मंच अनुशासन की बात है, तो दूसरी ओर गांवों में जनप्रतिनिधियों की सामाजिक प्रतिष्ठा का मुद्दा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के विवादों में संवाद और आपसी समझ से समाधान संभव है। सार्वजनिक मंच पर हुई एक तीखी टिप्पणी यदि समय रहते सुलझा ली जाए तो बड़े सामाजिक टकराव से बचा जा सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या मासूम शर्मा सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं या मामला और आगे बढ़ता है। यदि सरपंचों का बहिष्कार लागू होता है तो इससे कलाकार के कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। वहीं, यदि बातचीत से हल निकलता है तो यह विवाद शांत हो सकता है।
फिलहाल, जींद का यह मंच विवाद हरियाणा की सांस्कृतिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
