Gurugram Metro Breaking : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शहर की ट्रैफिक समस्या को ध्यान में रखते हुए अब इस प्रोजेक्ट के डिजाइन और रूट में अहम बदलाव किया गया है। नए प्लान के अनुसार, मेट्रो लाइन ओल्ड दिल्ली रोड पर बने फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगी। इस बदलाव से जहां ट्रैफिक जाम में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं मेट्रो कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर होगी।
🚇 नए रूट में क्या बदलाव हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो का नया रूट सुशील ऐमा मार्ग से शुरू होकर डूंडाहेड़ा गांव स्थित हनुमान मंदिर तक फ्लाईओवर के ऊपर से जाएगा। इसके बाद यह शंकर चौक की ओर मुड़ेगा। इस रूट का करीब 1.25 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, यानी मेट्रो ट्रैक जमीन से ऊपर बनाया जाएगा। यह पूरा स्ट्रक्चर सड़क के साथ साझा किया जाएगा, जिससे जमीन के उपयोग को कम किया जा सके।
🔁 क्यों लिया गया डिजाइन बदलने का फैसला?
पुराने प्लान में कई तकनीकी और ट्रैफिक से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे थे। ओल्ड दिल्ली रोड पहले से ही शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जमीन पर मेट्रो निर्माण करने से जाम और बढ़ सकता था। इसी वजह से विशेषज्ञों ने फ्लाईओवर के ऊपर मेट्रो चलाने का सुझाव दिया, जिससे ट्रैफिक और निर्माण दोनों में संतुलन बना रहे।

🏗️ डबल-डेकर सिस्टम होगा तैयार
इस नए प्लान के तहत डबल-डेकर सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें नीचे सड़क पर वाहन चलेंगे और उसके ऊपर फ्लाईओवर पर मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। इस तरह का मॉडल पहले भी देश के कुछ शहरों में अपनाया जा चुका है और यह जगह की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट में भी कारगर साबित हुआ है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
ओल्ड दिल्ली रोड पर अक्सर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर अतुल कटारिया चौक से उद्योग विहार के बीच का इलाका पीक ऑवर में काफी प्रभावित रहता है। कई बार इस छोटे से सफर को तय करने में 40 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है। नए फ्लाईओवर और मेट्रो सिस्टम के लागू होने के बाद इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित एजेंसियां जल्द ही फ्लाईओवर के डिजाइन के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करेंगी। इसके बाद विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट और तकनीकी ड्रॉइंग तैयार की जाएगी। आने वाले महीनों में टेंडर प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
क्या होगा इसका फायदा?
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ओल्ड गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा। साथ ही, यह प्रोजेक्ट शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट में किया गया यह बदलाव एक स्मार्ट और भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला माना जा रहा है। अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह गुरुग्राम के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदल सकती है और लोगों को एक बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान कर सकती है।
