Haryana Old Pension Scheme: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों पेंशनधारकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न सामाजिक भत्ते हर महीने की 10 तारीख को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पेंशन वितरण प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाना है ताकि पात्र लोगों को निश्चित तिथि पर लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार, इस कदम से प्रदेश के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
36 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 36 लाख पात्र व्यक्तियों को सामाजिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इनमें सबसे अधिक संख्या वृद्धावस्था पेंशनधारकों की है। जानकारी के मुताबिक, करीब 21 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और लगभग 7 लाख महिलाओं को विधवा पेंशन मिल रही है। इसके अलावा दिव्यांगजन, निराश्रित और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को प्रति माह 3200 रुपये पेंशन राशि दी जा रही है। यह बढ़ी हुई राशि पिछले वर्ष 1 नवंबर से लागू की गई थी। अब सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक माह की 10 तारीख को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
नियमित तिथि से मिलेगी सुविधा
सरकार का मानना है कि निश्चित तिथि तय होने से लाभार्थियों को आर्थिक योजना बनाने में आसानी होगी। पहले कई बार पेंशन वितरण में देरी की शिकायतें सामने आती थीं, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंदों को परेशानी होती थी। अब तय तिथि पर भुगतान से पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।
सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां सबसे अधिक सामाजिक भत्ते और पेंशन दी जाती है। राज्य सरकार का दावा है कि सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हरियाणा अग्रणी राज्यों में से एक है।
सरकार की मंशा: समय पर सहायता
सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहे और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। नियमित भुगतान प्रणाली से प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी और निगरानी बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
इस फैसले से प्रदेश के लाखों पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 तारीख का इंतजार रहेगा, जब उनके खाते में पेंशन राशि स्वतः जमा हो जाएगी।
