School college holiday: 18 फरवरी को घोषित सार्वजनिक अवकाश के कारण भारत के कुछ हिस्सों में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। यह अवकाश ऐसे समय में आया है जब शैक्षणिक कैलेंडर का सबसे व्यस्त दौर चल रहा है और बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। ऐसे में इस छुट्टी ने छात्रों और अभिभावकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
हालांकि यह अवकाश पूरे देश में लागू नहीं होगा, बल्कि केवल कुछ राज्यों में क्षेत्रीय त्योहारों और स्मृति दिवसों के कारण घोषित किया गया है।
फरवरी का महीना आमतौर पर पढ़ाई और सांस्कृतिक आयोजनों का मिश्रण लेकर आता है और इस वर्ष भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। जनवरी महीने में उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण स्कूलों के समय और छुट्टियों में बदलाव किया गया था। वहीं फरवरी की छुट्टियों की सूची ने एक बार फिर स्कूलों के टाइमटेबल को प्रभावित किया है।
जो परिवार परीक्षा की तैयारी, यात्रा या अन्य सरकारी कामों की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह जानना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है कि किन तारीखों को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
क्यों घोषित हुआ 18 फरवरी को अवकाश
18 फरवरी 2026 को कुछ राज्यों में बौद्ध समुदाय के पारंपरिक नववर्ष लोसर के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह पर्व विशेष रूप से सिक्किम और हिमालयी क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोसर चंद्र कैलेंडर के नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और इसका सांस्कृतिक तथा धार्मिक महत्व काफी गहरा माना जाता है।
जिन राज्यों में इस पर्व का विशेष महत्व है, वहां राज्य प्रशासन आमतौर पर स्कूलों को बंद रखने और सरकारी कार्यालयों में नियमित कामकाज स्थगित करने की घोषणा करता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश क्षेत्र विशेष तक सीमित है और पूरे देश में लागू नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय त्योहारों से जुड़े सार्वजनिक अवकाश भारत की सांस्कृतिक विविधता और संघीय व्यवस्था को दर्शाते हैं। सिक्किम जैसे राज्यों में लोसर के दौरान मठों में प्रार्थनाएं, सामुदायिक कार्यक्रम और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती हैं, इसलिए संस्थानों को बंद रखना व्यावहारिक माना जाता है।
फरवरी में अन्य छुट्टियां भी
फरवरी महीने में सप्ताहांत और त्योहारों के कारण छात्रों को कई अन्य छुट्टियां भी मिल रही हैं। 1 और 8 फरवरी रविवार होने के कारण साप्ताहिक अवकाश रहा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर देश के कई हिस्सों में छुट्टी रही। वहीं 19 फरवरी को महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के कारण स्कूल-कॉलेज बंद रहते हैं।
इसके अलावा 22 फरवरी को रविवार होने से एक और अवकाश जुड़ जाता है। इस तरह कुछ क्षेत्रों में संस्थान इस महीने कुल मिलाकर लगभग छह दिन तक बंद रह सकते हैं। हालांकि शिक्षा बोर्डों का कहना है कि ये पहले से तय छुट्टियां हैं और इससे पढ़ाई के कुल दिनों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि स्कूल अपने टाइमटेबल में आवश्यक बदलाव कर लेते हैं।
बोर्ड परीक्षाओं का महत्वपूर्ण समय
इन छुट्टियों का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। केंद्रीय और राज्य बोर्ड महीनों पहले परीक्षा कार्यक्रम तय कर लेते हैं, इसलिए अचानक बदलाव की गुंजाइश कम रहती है।
नर्सरी से लेकर कक्षा 9वीं और 11वीं तक के छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं भी फरवरी और मार्च की शुरुआत में आयोजित की जा रही हैं, जिससे यह महीना पढ़ाई के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बन जाता है।
स्कूल प्राचार्यों का कहना है कि परीक्षा के दौरान एक दिन की छुट्टी छात्रों को आराम और पुनरावृत्ति का मौका देती है, लेकिन लंबी छुट्टियां पढ़ाई की गति को प्रभावित कर सकती हैं। कई स्कूल छात्रों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए विशेष कक्षाएं और ऑनलाइन रिवीजन सत्र आयोजित कर रहे हैं, जबकि कोचिंग सेंटर भी अतिरिक्त समय तक संचालित किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर 18 फरवरी का अवकाश उन राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है जहां लोसर पर्व मनाया जाता है, जबकि अन्य राज्यों में स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से खुले रह सकते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को अपने स्थानीय प्रशासन या स्कूल से जारी सूचना अवश्य जांच लेनी चाहिए।
