Justice Lisa Gill transfer: Lisa Gill का तबादला अब Andhra Pradesh High Court में कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने इस तबादले को मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री Arjun Ram Meghwal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की न्यायाधीश लिसा गिल का तबादला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कर दिया है।
कौन हैं जस्टिस लिसा गिल
जस्टिस लिसा गिल ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-9 से पूरी की। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स (जीसीजी), सेक्टर-11 चंडीगढ़ से मानविकी में स्नातक किया। आगे चलकर उन्होंने Panjab University के विधि विभाग से बीए, एलएलबी और एलएलएम की डिग्री हासिल की।
उन्होंने 1990 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और Punjab and Haryana High Court में आपराधिक, दीवानी, सेवा, राजस्व और संवैधानिक मामलों में वकालत की। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश सहित कई बोर्डों और निगमों का प्रतिनिधित्व भी किया।
2014 में बनीं हाईकोर्ट की जज
जस्टिस लिसा गिल को 31 मार्च 2014 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वर्तमान में हाईकोर्ट में स्वीकृत जजों की कुल संख्या 85 है, जबकि कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 61 है।
वरिष्ठता के आधार पर उनसे ऊपर केवल मुख्य न्यायाधीश Justice Sheel Nagu और Justice Ashwini Kumar Mishra हैं। उनकी नियुक्ति को न्यायिक अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और संतुलित न्यायिक दृष्टिकोण के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
