Haryana school admission rule: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हरियाणा में पहली कक्षा में दाखिले के नियमों में बदलाव किया गया है। अब राज्य में छह साल से कम आयु के बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह नियम एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा।
हालांकि हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2011 के नियम 10 के तहत प्रवेश की छह महीने की विस्तारित अवधि का प्रावधान रहेगा। इसके अनुसार शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद अधिकतम छह माह यानी अक्टूबर तक जैसे ही कोई बच्चा छह वर्ष की आयु पूरी करेगा, वह उसी दिन से पहली कक्षा में दाखिले का पात्र होगा।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे का छह वर्ष का होना अनिवार्य किया गया है। इस नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। मौजूदा सत्र में साढ़े पांच वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिया गया था, जबकि इससे पहले पांच वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को दाखिला दिया जाता था। अब आगामी शैक्षणिक वर्ष से न्यूनतम आयु सीमा छह वर्ष कर दी गई है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में नामांकन के दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बनाए गए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
छह माह की विस्तारित प्रवेश अवधि
नियमों के अनुसार शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के बाद प्रवेश के लिए अधिकतम छह माह की अवधि दी जाती है। इस अवधि के बाद दाखिला लेने वाले बच्चों को स्कूल प्रमुख द्वारा विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से पढ़ाई पूरी करने का अवसर दिया जाएगा।
मिड-डे मील के लिए हर हित स्टोर से गुड़-शक्कर
स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के लिए अब स्कूल मुखिया हर हित स्टोर से गुड़ और शक्कर खरीद सकेंगे। हालांकि खरीद से पहले गुणवत्ता की जांच करना अनिवार्य होगा। जिन क्षेत्रों में हर हित स्टोर नहीं हैं, वहां पहले की तरह हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा आपूर्ति की जाएगी।
पहली से बारहवीं तक होंगी नियमित पीटीएम
अब पहली से बारहवीं कक्षा तक नियमित रूप से शिक्षक-अभिभावक बैठक (पीटीएम) आयोजित की जाएगी। शिक्षा महानिदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार हर साल कम से कम पांच पीटीएम करना अनिवार्य होगा।
