Haryana Rajya Sabha Result: हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को चंडीगढ़ स्थित विधानसभा के कमेटी रूम में मतदान कराया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन पांच घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वोटों की गिनती शुरू नहीं हो सकी। इस बीच वोट की गोपनीयता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद खड़ा हो गया।
सीक्रेसी लीक पर दोनों दलों की शिकायत
भाजपा ने कांग्रेस के दो विधायकों ऐलनाबाद के विधायक भरत सिंह बेनीवाल और टोहाना के विधायक परमवीर सिंह के वोट में सीक्रेसी लीक होने की शिकायत चुनाव अधिकारी पंकज अग्रवाल से की।
वहीं कांग्रेस ने भी कैबिनेट मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता भंग होने का आरोप लगाते हुए चुनाव अधिकारी से शिकायत की।
सूत्रों के अनुसार जांच के बाद चुनाव आयोग ने अनिल विज का वोट वैध माना है, जबकि कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया है। भरत सिंह बेनीवाल के वोट को लेकर अभी अंतिम फैसला आना बाकी बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
88 विधायकों ने किया मतदान
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में से 88 विधायकों ने मतदान किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे।
88 वोट पड़ने के बाद जीत के लिए कोटा वोट 30 तय हुआ है।
बीजेपी और कांग्रेस दोनों मजबूत
संख्याबल के आधार पर भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के पास जीत के लिए आवश्यक समर्थन माना जा रहा है। हालांकि क्रॉस वोटिंग या वोट रद्द होने की स्थिति में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के लिए दूसरी सीट निकालने की संभावना बन सकती है।
खड़गे ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
मतगणना में देरी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वैध वोटों को अमान्य घोषित नहीं किया जाना चाहिए।
अभय चौटाला का बयान
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने कहा कि जनता की भावना को देखते हुए पार्टी ने अपने दोनों विधायकों को मतदान से दूर रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग होती है तो इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस नेतृत्व की होगी।
व्हीलचेयर पर वोट डालने पहुंचे अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के बावजूद व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और मतदान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का वोट डालना जरूरी था, चाहे व्हीलचेयर पर आना पड़े या स्ट्रेचर पर, लेकिन मतदान जरूर करना था।
राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है और सभी की नजरें अब मतगणना के अंतिम परिणाम पर टिकी हुई हैं।