Haryana Police: कैथल जिले में पुलिस विभाग के अंदरूनी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। एक हेड कॉन्स्टेबल द्वारा डीएसपी पर धमकी देने के आरोप लगाने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। यह सभी कर्मचारी नशा मुक्ति टीम का हिस्सा थे।
एसपी उपासना के निर्देश पर नशा जागरूकता टीम के सदस्य हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू सहित पूरी टीम के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की गई। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विभागीय नियमों के उल्लंघन के चलते यह कदम उठाया गया है और मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल
तीन दिन पहले हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने कलायत के डीएसपी ललित यादव पर गंभीर आरोप लगाए।
संधू ने लिखा कि उन्हें झूठे नशा मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और इसी वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है।
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें स्मैक बेचने जैसे गंभीर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद विभाग में हलचल मच गई।
किन-किन पर हुई कार्रवाई
पुलिस द्वारा लाइन हाजिर किए गए कर्मचारियों में इंस्पेक्टर साहिल, एसआई कर्मबीर, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू, सिपाही रेखा और सोनिया, एसपीओ जसविंदर, राजपाल और प्रदीप शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि यह पूरी टीम नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान से जुड़ी हुई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
अस्पताल में भर्ती हैं सुनील संधू
जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने मानसिक तनाव और दबाव की बात कही थी।
उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे इस पूरे घटनाक्रम से बेहद परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने सेवा काल में उन्होंने कभी रिश्वत नहीं ली और न ही किसी का बुरा किया।
संधू ने पोस्ट में लिखा कि वे सच का साथ दे रहे हैं और किसी के दबाव में झूठ नहीं बोल सकते।
युवाओं से की अपील, निष्पक्ष जांच की मांग
पोस्ट के अंत में सुनील संधू ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने लिखा कि वे हमेशा नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं और आगे भी सच के साथ खड़े रहेंगे।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने संधू के समर्थन में टिप्पणी करते हुए पारदर्शी जांच की आवश्यकता जताई है।
पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने कहा कि विभागीय जांच के तहत संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है और पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
कैथल पुलिस विभाग की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है। अब देखना होगा कि जांच के निष्कर्ष क्या सामने आते हैं और आरोपों में कितनी सच्चाई पाई जाती है।
